कोरोना वायरस: फुल लॉकडाउन से दूर है दिल्ली, लेकिन संक्रमण बढ़ने पर बच्चों और बुजुर्गों पर लग सकता है प्रतिबंध
- दिल्ली में पूरी तरह लॉकडाउन लगाने की अभी कोई योजना नहीं, रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी जारी रहेंगी सभी आवश्यक सेवाएं
- कंटेनमेंट जोन बनाने, ट्रेसिंग करने, वैक्सीन देने और ट्रीटमेंट करने पर ही रहेगा सरकार का जोर
विस्तार
कोरोना की रफ्तार तेज होती देख दिल्ली सरकार ने आज छह अप्रैल से 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी कर दिया है। लेकिन दिल्ली में अभी लॉकडाउन लगाने की कोई संभावना नहीं है। संक्रमण की स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर सरकार 10 वर्ष से छोटे बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा सकती है। फिलहाल, अभी कंटेनमेंट जोन बढ़ाकर, तेज टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट करने को ही सरकार ने कोरोना से लड़ाई का हथियार बनाने का निर्णय किया है।
रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान भी सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। अगर आप डॉक्टर, नर्स, पत्रकार या आवश्यक वस्तुओं के व्यापार से जुड़े हैं, तो आप अपना आईडी कार्ड या ई-पास दिखाकर रात्रि कालीन गतिविधियों को जारी रख सकते हैं। अगर आप यात्रा करने जा रहे हैं या किसी बीमार को अस्पताल लेकर जा रहे हैं, तो भी आपको आवागमन की अनुमति रहेगी। यानी इस नाइट कर्फ्यू के दौरान भी आवश्यक गतिविधियों पर कोई अंकुश नहीं होगा।
तेज होगा दिल्ली पुलिस का अभियान
जहां एक तरफ लोगों को राहत देने के लिए फुल टाइम कर्फ्यू से दूर रहने का निर्णय किया गया है, वहीं कोरोना संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए नियमों का पालन कराने पर जोर देने की रणनीति बनाई गई है। इस दौरान मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाये रखने, सार्वजनकि जगहों पर न थूकने जैसे नियमों का कठोरता के साथ पालन कराया जायेगा। दिल्ली पुलिस इसके बाद मास्क न पहनने जैसे मामलों में चालान में तेजी ला सकती है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार पांच अप्रैल को भी 1465 लोगों का मास्क न पहनने के कारण और पांच लोगों का सामाजिक दूरी न बनाये रखने के मामले में चालान किया है। अब इन मामलों में तेजी लाई जाएगी।
यहां पर अभी से असर दिखना शुरू
महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसी संभावना देख श्रमिकों ने एक बार फिर पलायन करना शुरू कर दिया है। राजधानी में पूर्ण लॉकडाउन पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन इसके बाद भी यहां कुछ क्षेत्रों में असर दिखना शुरू हो गया है। बाजारों में एक बार जो भीड़भाड़ निकलनी शुरू हुई थी, वह अब कम होती दिख रही है। तेज संक्रमण के कारण मॉल, बाज़ार और अन्य सार्वजनिक जगहों से लोगों ने दूरी बनानी शुरू कर दी है।
व्यापारियों में चिंता
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रवक्ता राजेन्द्र कपूर ने कहा कि पिछले वर्ष के लॉकडाउन के नुकसान से उद्योग मुश्किल से निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब दोबारा लॉकडाउन होने से उद्योग की कमर टूट जाएगी। नाइट कर्फ्यू के दौरान भी ट्रकों की आवाजाही सामान्य बनाये रखने के उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के अगले कदम को लेकर अभी से व्यापारियों में चिंता है।