दिल्ली सरकार का वो अस्पताल जहां मुर्दों को साथ लाना होता है कफन
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दीन दयाल अस्पताल (डीडीयू) के पोस्टमार्टम घर में शवों को कफन भी नसीब नहीं हो रहा है। आलम यह है कि पोस्टमार्टम के पहले ही मृतक के परिजनों का कफन के लिए कपड़ा लाने के लिए कह दिया जाता है।
इसके अलावा अज्ञात शवों के लिए पुलिस कपड़ा लाती है। पश्चिमी दिल्ली स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पिछले तीन माह से भी ज्यादा समय से कफन के लिए कपड़ा उपलब्ध नहीं है।
इसके चलते कई बार पीड़ित परिजनों को शव लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। जब वे खुद कपड़ा लेकर बाहर से आते हैं, तब जाकर शव उन्हें सौंपा जाता है।
कपड़ा उपलब्ध नहीं होने की सूचना अस्पताल प्रशासन को दी थी
सूत्रों की मानें तो फोरेंसिक विभाग के चिकित्सकों ने कपड़ा उपलब्ध नहीं होने की सूचना अस्पताल प्रशासन को दी थी। लेकिन, किसी न किसी कारण से कफन के लिए कपड़ा लाने की प्रक्रिया पूरी करने में देरी होती रही।
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सविता बब्बर ने कहा कि कपड़े का रेट तय होने में देरी की वजह से कुछ दिक्कत आई थी।
विभाग के प्रमुख को अपने स्तर पर फिलहाल कफन के लिए कपड़ा खरीदने के आदेश दे दिए गए हैं।