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Delhi: दिल्ली सरकार ने परामर्श एजेंसी पर दो साल का प्रतिबंध, 50.30 लाख जुर्माना लगाया; इसकी लापरवाही आई सामने
Tue, 20 Jan 2026 11:17 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 20 Jan 2026 11:17 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Rekha Gupta
दिल्ली सरकार ने एक परामर्श एजेंसी पर दो साल का प्रतिबंध और 50.30 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। पीडब्ल्यूडी ने शालीमार बाग अस्पताल, किराड़ी अस्पताल, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय और जीटीबी अस्पताल में आईसीयू से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इस फर्म को समग्र परामर्श का जिम्मा सौंपा था।
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इसे योजना, डिजाइन, ड्राइंग, लागत आकलन, वैधानिक स्वीकृतियां और निर्माण पर्यवेक्षण करना था। फर्म ने तय समयसीमा के भीतर जरूरी ड्राइंग, डिजाइन और वैधानिक अनुपालन दस्तावेज जमा नहीं किए। इससे न सिर्फ निर्माण कार्य रुका, बल्कि पूरी परियोजना की समय सारिणी प्रभावित हुई।
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विभागीय आदेश के मुताबिक, संरचनात्मक डिजाइन से जुड़े अहम दस्तावेज जैसे डिजाइन कैलकुलेशन, डीबीआर (डिजाइन बेसिस रिपोर्ट), स्ट्रक्चरल मॉडल और लोड कैलकुलेशन कई बार मांगने के बावजूद एजेंसी की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए।
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नतीजतन, निर्माण एजेंसियां आगे का काम शुरू नहीं कर सकीं। इस देरी का सीधा असर सरकार के वित्तीय हितों पर पड़ा। आकलन है कि परियोजनाओं में देरी के चलते कई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अस्पतालों में आईसीयू सुविधाओं के विस्तार में देरी से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं।