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Delhi: प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर सरकार सख्त... निजी स्कूलों का होगा ऑडिट, दोषी मिलने पर होगी एफआईआर

Tue, 08 Apr 2025 04:08 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 08 Apr 2025 04:08 AM IST
सार

दिल्ली सचिवालय में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों में ऑडिट के निर्देश दिए हैं। जांच कमेटी में एसडीएम, तहसीलदार और अकाउंट विभाग के लोग शामिल होंगे।

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Delhi government decided to audit private schools
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद - फोटो : एएनआई

विस्तार

फीस वृद्धि में मनमानी रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने 1,677 निजी स्कूलों के ऑडिट का फैसला किया है। हर जिले के एसडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यों की टीम स्कूलों का निरीक्षण और ऑडिट करेगी। दोषी मिलने पर मुकदमा दर्ज होगा। वहीं, दस दिन में स्कूलों की फीस बढ़ोतरी का ब्योरा शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा। बढ़ी फीस अभिभावकों को वापस दिलाई जाएगी। बढ़ी फीस को लेकर अभिभावक सीधे ईमेल आईडी से निदेशालय को शिकायत कर सकेंगे।

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हाईकोर्ट में फीस मामलों की जल्द सुनवाई के लिए दिल्ली सरकार पैरवी करेगी। दिल्ली सचिवालय में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों में ऑडिट के निर्देश दिए हैं। जांच कमेटी में एसडीएम, तहसीलदार और अकाउंट विभाग के लोग शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री ने फीस वृद्धि पर पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में जिन स्कूलों ने 2024-25 तक फीस बढ़ाई है, उनका ऑडिट रिकॉर्ड मंगवाया गया है। सूद ने बताया, द्वारका स्थित निजी स्कूल ने पांच साल में 20, 13, 9, 8 व 7 फीसदी फीस बढ़ाई। डीएम कापसहेड़ा के नेतृत्व में इस स्कूल की जांच चल रही है। आतिशी व सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था अब माफिया के हवाले है व कई स्कूलों ने 20 से 82 फीसदी तक फीस वृद्धि की है।

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मेल पर कर सकते हैं शिकायत
जांच कमेटी में एसडीएम, तहसीलदार और अकाउंट विभाग के लोग शामिल होंगे। फीस वृद्धि संबंधी शिकायतों को लेकर अभिभावक सीधे ddeact1@gmail.com ईमेल कर सकेंगे। शिक्षा निदेशालय के दफ्तर में जाकर भी शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। उप शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में शिकायत की जांच होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में जिन स्कूलों ने 2024-25 तक फीस बढ़ाई है उनके ऑडिट रिकॉर्ड को मंगवाया है।

हर वर्ष सिर्फ 75 स्कूलों का हुआ ऑडिट
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के दस साल के शासनकाल में दिल्ली के 1677 निजी स्कूलों में से सिर्फ 75 स्कूलों का ही हर साल ऑडिट हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2004 के एक निजी स्कूल के केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि किसी भी निजी स्कूल को फीस बढ़ाने से पहले शिक्षा निदेशालय की मंजूरी लेना जरूरी है। जिस स्कूल के बारे में बार-बार मनीष सिसोदिया जिक्र कर रहे हैं जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने फीस बढ़ाने पर क्या कार्रवाई की है।

घपला करने के बाद भी बढ़ाई फीस
आशीष सूद ने यह भी बताया कि द्वारका स्थित निजी स्कूल ने बीते पांच साल में 20 , 13, 9, 8, 7  फीसदी फीस बढ़ाई। पिछली सरकार के शासन में एक ओर निजी स्कूल ने 35 फीसदी फीस बढ़ाई। इसी स्कूल ने साल 2024-25 में 36 फीसदी फीस बढ़ाई। हैरानी वाली बात यह है कि एक निजी स्कूल ने 15 करोड़ रुपये खर्च कर घपला किया था। फिर भी उस स्कूल को 2022-23 में  15 फीसदी फीस बढ़ाने की अनुमति दी गई। स्कूल ने 2024-25 में भी 13 फीसदी फीस बढ़ाई फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह एक ओर निजी स्कूल  ने 42 लाख रुपए अनियमितता  के लिए नोटिस दिया था। फिर भी स्कूल ने 2022-23 में 14 फीसदी फीस बढ़ा दी।

दिल्ली में है 1677 निजी स्कूल
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली में 1677 निजी स्कूल हैं। इसमें 335 सरकारी जमीन पर बने हैं जिनके लिए 1973 के दिल्ली स्कूल एक्ट में यह नियम है कि राज्य सरकार से फीस बढ़ाने से पहले अनुमति लेना जरूरी है। 114 स्कूल ही ऐसे हैं जिनको फीस बढ़ाने के लिए अनुमति लेने के लिए कोई बाध्यता नहीं हैं।

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द्वारका मामले में बनाई जांच कमेटी  
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद द्वारका स्थित स्कूल की जांच के लिए डीएम के आदेश पर जांच कमेटी बनाई गई है। डीएम कापसहेड़ा के नेतृत्व में स्कूल की जांच चल रही है। स्कूल लगातार पांच साल से फीस बढ़ा रहा है। हम अगले दस दिन के अंदर दिल्ली की जनता को बताएंगे कि किस-किस स्कूल ने पिछले सालों में कितनी फीस बढ़ाई है। इस सारे डाटा को शिक्षा विभाग की साइट पर डाल देंगे ताकि लोग देख सके कि कैसे झूठ फैलाया जा रहा है कि हमारी सरकार ने फीस नहीं बढ़ने दी। लेकिन फिर भी फीस बढ़ाई जाती रही है।

स्कूलों से लेन-देन की होगी जांच
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आतिशी की सरकार ने तब क्यों कार्रवाई नहीं की। जिस स्कूल का वह नाम ले रहे है उस स्कूल का एक करोड़ 68 लाख रुपये का घपला पकड़ा गया। इस स्कूल ने भी 2023-24 में 23.84 फीसदी और 2024-25 में 14.68 फीसदी फीस बढ़ाई। इन स्कूलों के साथ उनका क्या लेन-देन था उसकी जांच करवाएंगे। बीते दस साल का ऑडिट रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास मौजूद ही नहीं है। किसी भी स्कूल का दिल्ली शिक्षा निदेशालय के पास ऑडिट रिपोर्ट जमा ही नहीं करवाया है।
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