तंबाकू-सिगरेट के पैकेट पर 'जल्दी' शब्द होना जरूरी, दिल्ली सरकार ने केंद्र को लिखा खत
बीड़ी सिगरेट के पैकेट पर वैद्यानिक चेतावनी उसके सेवन के खतरों के बारे में बताती है। हाल ही में कई ऐसे सर्वे भी सामने आए हैं जिसमें यह साबित हुआ है कि वैद्यानिक चेतावनी देखने और पढने मात्र से करीब 20 फीसदी से ज्यादा लोग इनका सेवन छोड़ चुके हैं।
यही वजह है कि दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिख वैद्यानिक चेतावनी के साथ जल्दी शब्द को जोड़ना जरूरी बताया है।
दरअसल कुछ ही समय पहले केंद्र सरकार ने बीड़ी सिगरेट के पैकेट पर वैद्यानिक चेतावनी को लेकर निर्णय लिया है कि एक सितंबर से तंबाकू उत्पादों के पैकेटों के 85 प्रतिशत हिस्से के साथ संशोधित चेतावनी भी लिखी जाएगी।
इसके अलावा तंबाकू की लत से उबरने के इच्छुक लोगों के लिए राष्ट्रीय स्तर की टॉल फ्री नंबर भी लिखा होगा। नए फैसले के मुताबिक अब पैकेटों पर तंबाकू से दर्दनाक मौत हो सकती है और तंबाकू से कैंसर होता है, यह लिखा होगा।
विभाग ने संशोधित चेतावनी की सराहना भी की है
हालांकि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने संशोधित चेतावनी की सराहना भी की है। लेकिन विभाग का कहना है कि बीड़ी सिगरेट का असर जल्दी स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए वैद्यानिक चेतावनी में जल्दी शब्द लिखा होना चाहिए।
विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. एसके अरोड़ा ने बताया कि धुम्रपान और तंबाकू सेवन करने वालो लोगों को मौत का जोखिम अधिक हो जाता है। अधिकारी के मुताबिक एक सामान्य शख्स के मुकाबले धुम्रपान करने वाले शख्स की उम्र कम से कम 10 वर्ष घट जाती है। इसलिए उन्होंने पिछले दिनों पत्र लिख जल्दी शब्द को वैद्यानिक चेतावनी के साथ जोडने की अपील की है।