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दिल्ली: इस साल हर दिन सड़क दुर्घटनाओं में पांच की मौत, पिछले छह साल में सबसे ज्यादा; पुलिस ने दिया ये सुझाव
Wed, 14 Oct 2026 03:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 14 Oct 2026 03:51 AM IST
सार
साल के नौ महीनों में हर दिन औसतन पांच लोगों की मौत हुई और 17 लोग घायल हुए।
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- फोटो : संवाद
विस्तार
दिल्ली में हर दिन औसतन पांच लोगों की सड़क दुर्घटना की मौत हुई है। साल के नौ महीनों में हर दिन औसतन पांच लोगों की मौत हुई और 17 लोग घायल हुए। इस दौरान कुल 1,309 लोगों की जान गई, जिनमें से 81 प्रतिशत दोपहिया वाहन चलाने वाले और पैदल चलने वाले थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में दिल्ली की सड़कें और खतरनाक हो गईं।
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दिल्ली पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी से सितंबर के बीच शहर में हर दिन औसतन 17 सड़क हादसे हुए। हादसों, मौतों और घायलों की दैनिक औसत संख्या पिछले छह साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। देश की राजधानी में 2026 के शुरुआती नौ महीनों में 4,679 सड़क दुर्घटनाएं हुईं और 4,662 लोग घायल हुए। 2021 में हर दिन औसतन 13 दुर्घटनाएं होती थीं, जो 2022 से 2025 के बीच बढ़कर सालाना 16 हो गईं।
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इसी तरह, रोजाना होने वाली मौतों का औसत 2021 में तीन से बढ़कर 2022 में चार हो गया और 2025 तक इसी स्तर पर बना रहा। रोज़ाना घायल होने वालों की औसत संख्या 2021 में 12 थी, जो 2022 में 14, 2023 में 15, 2024 में 14 और 2025 में 15 हो गई। कुल आंकड़ों के हिसाब से, दिल्ली में 2021 में 4,720, 2022 में 5,652, 2023 में 5,834, 2024 में 5,657 और 2025 में 5,689 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।
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इसी दौरान मौतों की संख्या क्रमशः 1,239, 1,461, 1,457, 1,551 और 1,617 रही। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की संख्या 2021 में 4,273, 2022 में 5,201, 2023 में 5,470, 2024 में 5,224 और 2025 में 5,314 थी। आंकड़ों से पता चलता है कि 2026 में सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले हर पांच लोगों में से लगभग दो पैदल चलने वाले थे; दिल्ली की सड़कों पर करीब 492 लोगों की जान गई।
वर्ष 2021 में पैदल चलने वालों की मौत का औसत एक व्यक्ति प्रतिदिन था, जो 2022 से बढ़कर लगभग दो व्यक्ति प्रतिदिन हो गया। दिल्ली में पैदल चलने वालों की मौत 2021 में 504, 2022 में 629, 2023 में 622, 2024 में 584 और 2025 में 649। आंकड़ों के अनुसार, 2026 में सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं में शामिल वाहनों में कारों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत, ट्रकों की 13 प्रतिशत, बसों की 6 प्रतिशत और ई-रिक्शा की 2.5 प्रतिशत थी।
ई-रिक्शा से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या 2021 में 55 से बढ़कर 2022 में 66, 2023 में 118, 2024 में 112 और 2025 में 163 हो गई। इस साल सितंबर तक ऐसे कुल 119 मामले दर्ज किए गए। बसों से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या 2021 में 66, 2022 में 94, 2023 में 73, 2024 में 71 और 2025 में 74 थी। सितंबर 2026 तक यह आंकड़ा 79 था। ट्रक से जुड़ी दुर्घटनाएं 2021 में 145 से बढ़कर 2022 में 181 और 2023 में 190 हो गईं, जबकि 2024 में यह संख्या 188 और 2025 में 207 रही।
2026 के पहले नौ महीनों में ऐसी कुल 170 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये आंकड़े दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित बनाने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं, खासकर पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए, जिनकी मौतों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।