Delhi : आज ED के समक्ष पेश नहीं होंगे केजरीवाल, विपश्यना से 10 दिन बाद लौटेंगे; आप नेता बोले- पहले से तय था सब
Arvind Kejriwal: सूत्रों के अनुसार वकीलों की राय लेने के बाद ही केजरीवाल ने ईडी के समक्ष पेश होने के बजाय विपश्यना पर जाने का निर्णय लिया है। वकीलों ने इस बार फिर ईडी के समन में कोई खामी निकाली है और उनकी ओर से गुरुवार को इसका खुलासा करने की संभावना है।
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आम आदमी पार्टी के प्रमुख व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज ईडी के समक्ष पेश नहीं होंगे। वह कल से 10 दिन विपश्यना के लिए चले गए हैं। हालांकि, यह जानकारी नहीं दी गई है कि वह विपश्यना के लिए किस शहर में गए हैं। उन्हें विपश्यना पर मंगलवार को जाना था, लेकिन इंडिया गठबंधन की बैठक के कारण मामला एक दिन के लिए टल गया था।
ईडी ने शराब घोटाले में पूछताछ के लिए सोमवार को उन्हें समन जारी करके गुरुवार को बुलाया है। अब तक केजरीवाल के वकीलों ने ईडी के नोटिस के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है। संभवत: वह गुरुवार को ईडी के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।
सूत्रों के अनुसार वकीलों की राय लेने के बाद ही केजरीवाल ने ईडी के समक्ष पेश होने के बजाय विपश्यना पर जाने का निर्णय लिया है। वकीलों ने इस बार फिर ईडी के समन में कोई खामी निकाली है और उनकी ओर से गुरुवार को इसका खुलासा करने की संभावना है। आम आदमी पार्टी ने ईडी के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पार्टी के वकील समन का अध्ययन कर रहे हैं और कानूनी रूप से उचित कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा आप नेताओं ने कहा था कि केजरीवाल का विपश्यना पर जाने का कार्यक्रम पहले से ही निर्धारित था और यह जानकारी सार्वजनिक थी।
अरविंद केजरीवाल को ईडी ने अक्तूबर में भी इस मामले में समन जारी करके दो नवंबर को तलब किया था, लेकिन वह उस दौरान भी ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए थे। तब उन्होंने विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त होने का हवाला देते हुए ईडी के समक्ष पेश होने का समय मांगा था, वहीं दो नवंबर को उनके वकीलों ने ईडी के समन को गैर कानूनी करार दे दिया था।
जांच से भाग रहे हैं केजरीवाल : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि जिस तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईडी के समन से बचकर दिल्ली से बाहर चले गए हैं, उससे लगता है कि वह जांच से भाग रहे हैं। मुख्यमंत्री का ईडी के दूसरे समन से बचना शराब घोटाले में शामिल होने की उनकी स्वीकारोक्ति को दर्शाता है। ऐसा लगता है कि वे जानते हैं कि ईडी की जांच से यह स्थापित हो गया है कि वह शराब घोटाले के पीछे मुख्य दिमाग और घोटाले के लाभार्थी हैं।