Delhi: तेज गर्मी में 8100 मेगावाट तक पहुंच सकती है बिजली की मांग, ऊर्जा मंत्री आतिशी की अधिकारियों के साथ बैठक
सत्येंद्र जैन के जेल जाने के बाद ऊर्जा मंत्रालय संभाल रही आतिशी मार्लेना ने मंगलवार को डिस्कॉम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में दिल्ली की ऊर्जा आवश्यकताओं और संभावित पीक डिमांड पर विचार किया गया...
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इस साल गर्मी में बिजली की डिमांड रिकॉर्ड 8100 मेगावाट तक पहुंच सकती है। पिछले वर्ष बिजली की टॉप डिमांड 7695 मेगावाट तक पहुंच गई थी, इसके बीच कई इलाकों में बिजली कट का सामना करना पड़ा था। ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसके लिए ऊर्जा विभाग अभी से सतर्क है। ऊर्जा मंत्री आतिशी मार्लेना ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करने को कहा है जिससे गर्मियों में भी बिजली कट का सामना न करना पड़े। वहीं, भाजपा ने इसे दिखावटी एक्सरसाइज बताया है और मांग की है कि सरकार अतिरिक्त सरचार्ज के रूप में लिया जा रहा शुल्क समाप्त करे जिससे लोगों को राहत मिल सके।
दिल्ली सरकार की यह एक्सरसाइज बिजली सब्सिडी समाप्त करने संबंधी विवादों के बीच हुई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार की तरफ से लोगों को दी जा रही बिजली सब्सिडी समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, राजभवन ने इस तरह की किसी बात से सिरे से इनकार किया था।
अतिरिक्त बिजली का करें इंतजाम
सत्येंद्र जैन के जेल जाने के बाद ऊर्जा मंत्रालय संभाल रही आतिशी मार्लेना ने मंगलवार को डिस्कॉम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में दिल्ली की ऊर्जा आवश्यकताओं और संभावित पीक डिमांड पर विचार किया गया। अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार बिजली की अधिकतम डिमांड पिछले वर्ष से ज्यादा होकर 8100 मेगावाट तक पहुंच सकती है। मंत्री ने अधिकारियों से इस अतिरिक्त बिजली की मांग के लिए समय रहते कदम उठाने का निर्देश दिया।
भाजपा ने लगाया आरोप
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि आम आदमी पार्टी ने मुफ्त बिजली का ढिंढोरा खूब पीटा था, लेकिन बाद में यह सच सामने आया था कि सरकार दूसरे रास्तों से लोगों से ज्यादा पैसा वसूल रही है। अभी भी कमर्शियल बिजली की दरें दूसरे राज्यों की तुलना में दिल्ली में ज्यादा हैं, इसका परिणाम हो रहा है कि दिल्ली से औद्योगिक घराने अपने संस्थान हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की ओर ले जा रहे हैं। इससे दिल्ली में बेरोजगारी बढ़ रही है। इसी तरह घरेलू बिजली में भी लोड बढ़ाने के नाम पर लोगों से भारी किराया वसूला जा रहा है। सरकार को एक नीति बनाकर लोगों को राहत देनी चाहिए।
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि दिल्ली सरकार जीरो पॉवर कट का भी खूब ढोल पीटती है, जबकि पिछले वर्ष ही गर्मियों में दिल्ली के अनेक इलाकों में भारी पॉवर कट का सामना करना पड़ा था। दक्षिणी दिल्ली के कई पॉश इलाकों तक में बिजली की सप्लाई सुनिश्चित नहीं हो पा रही थी। उन्होंने कहा कि, इसलिए सरकार को केवल प्रचार करने की बजाय काम करने पर ध्यान देना चाहिए।