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दिल्ली चुनाव: त्रिशंकु विधानसभा होने पर बढ़ेगी कांग्रेस की अहमियत
Mon, 10 Feb 2020 09:03 PM IST
Abhishek Singh
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 10 Feb 2020 09:03 PM IST
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कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा से चंद घंटे पहले सियासी समीकरण लगातार बदल रहे हैं। यदि भाजपा और आम आदमी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति पैदा होती है तो चंद सीटों के बावजूद कांग्रेस की भूमिका अहम होगी। इसके लिए पार्टी ने पहले से अपनी रणनीति तैयार कर ली है, ताकि सरकार में अपनी जिम्मेदारी को निभा सके।
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रणनीतिकारों के मुताबिक, यदि बहुमत किसी पार्टी को नहीं मिलता तो ऐसे में तीसरी पार्टी का सहयोग जरूरी होगा। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि आप और भाजपा को बहुमत के लिए तीन से पांच सीटों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में कांग्रेस की कोशिश होगी कि सरकार बनाने में भी उनकी भूमिका बनी रहे।
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एग्जिट पोल के नतीजे को खारिज करते हुए कांग्रेस का कहना है कि 10 से 12 सीटों पर पार्टी के प्रत्याशियों का प्रदर्शन टक्कर देने की स्थिति में है। इसके अलावा भी 10 से अधिक सीटों पर कांग्रेस को बेहतर टक्कर की उम्मीद है। जानकारों का यह भी कहना है कि कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं जिन्होंने खुद के दम पर चुनाव लड़ते हुए रणनीतियां भी खुद तय की हैं। ऐसे उम्मीदवारों को जीत मिलने की उम्मीद अधिक जताई जा रही है। क्योंकि, इस बार हुए ध्रुवीकरण का कांग्रेस को कम फायदा मिला है।
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कांग्रेस को करीब 10 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कांग्रेस, बसपा समेत अन्य पार्टियों को मिलने वाले वोट का मतलब यह लगाया जा रहा है कि आप या भाजपा के मत बंट गए। ऐसा होता है तो सत्ता की चाबी के लिए कहीं न कहीं कांग्रेस की मदद लेनी पड़ सकती है। कांग्रेस को सुल्तानपुर माजरा, चांदनी चौक, सीलमपुर, कस्तूरबा नगर, जंगपुरा, हरिनगर समेत 10 से अधिक सीटों पर जीत की उम्मीद है।
क्या है त्रिशंकु विधानसभा
उदाहरण के तौर पर यदि आप और भाजपा को 33-33 और कांग्रेस को चार सीटें मिल जाती हैं तो आप व भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए कांग्रेस की मदद लेनी पड़ेगी। 36 सीटों पर बहुमत साबित करना होता है। जानकारों का यह भी कहना है कि यदि कांग्रेस इन दोनों पार्टियों से समझौता नहीं करती है तो मामला और भी पेचीदा हो जाएगा।