Delhi : दिल्ली विधानसभा होगी पेपरलेस, ई-विधान परियोजना की शुरुआत; संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने रखी आधारशिला
शनिवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में ई-विधान परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
विस्तार
दिल्ली विधानसभा डिजिटल युग में कदम रख रही है। शनिवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में ई-विधान परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। मानसून सत्र से पहले कार्य पूरा हो जाएगा।
परियोजना दिल्ली को डिजिटल गवर्नेंस और पर्यावरण अनुकूल शासन कि दिशा में आगे बढ़ाएगी। सभी विधायी कामकाज एक डिजिटल मंच (नेवा) पर होंगे, इससे विधानसभा में मैनुअल प्रक्रियाओं में कमी आएगी, समय की बचत होगी। जनता और विधायकों को सटीक जानकारी मिलेगी। विधानसभा के दस्तावेज जैसे विधेयक, रिपोर्ट, प्रश्नोत्तरी और नोटिस डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे, जिससे कागज का उपयोग खत्म होगा और पर्यावरण को लाभ मिलेगा।
विधानसभा की कार्यवाही तेज और सुरक्षित होगी : रिजिजू
इस मौके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि ई-विधान परियोजना विधानसभा की कार्यवाही को पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाएगी। यह सिर्फ कागज रहित व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने का प्रयास है। कई राज्यों में यह प्रणाली पहले से कामयाब है और अब दिल्ली भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इस परियोजना के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय से 9 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, जिसमें से एक करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है।
मानसून सत्र से पहले सदन बिल्कुल नया होगा - विधानसभा अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत विधायकों को रियल टाइम में डिजिटल जानकारी मिलेगी। 22 मार्च 2025 को इस परियोजना के लिए एमओयू साइन हुआ था। वहीं, दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा होगी, जो 500 किलोवॉट सौर ऊर्जा से चलेगी।
पारंपरिक पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी में बदला जाएगा। मानसून सत्र से पहले सदन बिल्कुल नया होगा। ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा परिसर, जहां कभी भारत की पहली संसद बैठी थी, इसे सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विधान संग्रहालय, प्रदर्शनियां और गाइडेड टूर शुरू होंगे, जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और राष्ट्रीय अभिलेखागार का सहयोग लिया जाएगा।
डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल देगी। यह पर्यावरण की रक्षा के साथ विधानसभा को आधुनिक बनाएगी। विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने इसे तकनीकी और पारदर्शी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना दिल्ली को तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण अनुकूल और पारदर्शी शासन की दिशा में ले जाएगी।
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