{"_id":"6ac94dfa40476840dd0b309b","slug":"delhi-charges-against-driver-and-conductor-in-the-case-of-the-assault-of-a-minor-on-a-moving-sleeper-bus-2026-10-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: चलती स्लीपर बस में नाबालिग के सामूहिक यौन उत्पीड़न मामले में चालक-कंडक्टर पर आरोप तय, सुनवाई 24 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: चलती स्लीपर बस में नाबालिग के सामूहिक यौन उत्पीड़न मामले में चालक-कंडक्टर पर आरोप तय, सुनवाई 24 को
Sat, 10 Oct 2026 02:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:49 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने 400 पन्नों के आरोपपत्र में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत शादी या यौन संबंध बनाने के इरादे से अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
demo
- फोटो : एआई
विस्तार
राजधानी में अगस्त में चलती स्लीपर बस में किशोरी के अपहरण और सामूहिक यौन उत्पीड़न में तीस हजारी स्थित फास्ट ट्रैक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) सोनम गुप्ता की अदालत ने आरोपी बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप के खिलाफ आरोप तय किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ नाबालिग के अपहरण और पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराधों के आरोप तय किए।
दिल्ली पुलिस ने 400 पन्नों के आरोपपत्र में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत शादी या यौन संबंध बनाने के इरादे से अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, पॉक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत गंभीर यौन हमले का आरोप भी लगाया गया है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को तय की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों की जांच मुकदमे के दौरान की जाएगी। इसी दौरान पीड़िता के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मीडिया के दबाव में पुलिस ने आरोप गढ़े हैं। हालांकि, अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
अभियोजन का दावा : सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक निम्मी सिसोदिया ने कहा कि पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन करते हैं। अभियोजन के अनुसार, किशोरी को बस में ले जाकर बंधक बनाया गया और कश्मीरी गेट के पास छोड़ने से पहले उस पर यौन हमला किया गया।
ऐसे हुई घटना
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मैनपुरी निवासी किशोरी चार अगस्त की रात अपने चचेरे भाई से मिलने नोएडा जा रही थी। भारी बारिश के बीच वह गलती से गलत स्थान पर उतर गई और उसने एक स्लीपर बस को रोका। कंडक्टर ने उसे बताया कि बस नोएडा के सेक्टर-63 जा रही है। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि बस खाली थी और ग्रेटर नोएडा की एक वर्कशॉप में मरम्मत के बाद लौट रही थी। पुलिस के मुताबिक, चालक और कंडक्टर दोनों ने चलती बस में उस पर यौन उत्पीड़न किया। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और बाद में कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़ दिया।
कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी : घटना के बाद पीड़िता ऑटो-रिक्शा से पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस का पता तिमारपुर के एक पार्किंग क्षेत्र में लगाया गया। इसके बाद कानपुर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने 400 पन्नों के आरोपपत्र में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत शादी या यौन संबंध बनाने के इरादे से अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, पॉक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत गंभीर यौन हमले का आरोप भी लगाया गया है।
विज्ञापन
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को तय की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों की जांच मुकदमे के दौरान की जाएगी। इसी दौरान पीड़िता के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मीडिया के दबाव में पुलिस ने आरोप गढ़े हैं। हालांकि, अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
अभियोजन का दावा : सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक निम्मी सिसोदिया ने कहा कि पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन करते हैं। अभियोजन के अनुसार, किशोरी को बस में ले जाकर बंधक बनाया गया और कश्मीरी गेट के पास छोड़ने से पहले उस पर यौन हमला किया गया।
ऐसे हुई घटना
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मैनपुरी निवासी किशोरी चार अगस्त की रात अपने चचेरे भाई से मिलने नोएडा जा रही थी। भारी बारिश के बीच वह गलती से गलत स्थान पर उतर गई और उसने एक स्लीपर बस को रोका। कंडक्टर ने उसे बताया कि बस नोएडा के सेक्टर-63 जा रही है। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि बस खाली थी और ग्रेटर नोएडा की एक वर्कशॉप में मरम्मत के बाद लौट रही थी। पुलिस के मुताबिक, चालक और कंडक्टर दोनों ने चलती बस में उस पर यौन उत्पीड़न किया। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और बाद में कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़ दिया।
कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी : घटना के बाद पीड़िता ऑटो-रिक्शा से पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस का पता तिमारपुर के एक पार्किंग क्षेत्र में लगाया गया। इसके बाद कानपुर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।