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दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में आप में बिखराव और अनुशासनहीनता दिखी: विजेंद्र गुप्ता

Sat, 02 Mar 2019 01:43 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Sat, 02 Mar 2019 01:43 AM IST
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Delhi budget session 2019 Aam Aadmi Party members show Scatter and indiscipline, vijendra Gupta
vijendra gupta
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के बजट सत्र में आम आदमी पार्टी का बिखराव और अनुशासनहीनता खुलकर सामने आ गए हैं। विधायकों ने सदन की कार्यवाही में रुचि नहीं ली। इस कारण छह दिन के सत्र में तीन बार कोरम पूरा न होने के कारण सदन को स्थगित करना पड़ा। सत्र में सरकार की अक्षमता, झूठ बोलने की कला और विपक्ष का दमन करने की नीति एक बार फिर जमकर उजागर हुई। पूरा सत्र निरर्थक और औपचारिक बनकर रह गया। सच्चाई और जनता की भलाई कोसों दूर रही।
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उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण की जगह मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल को लेकर राजनीति खेलकर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अपनी पार्टी की बिसात बिछाने में लगे रहे। मुख्यमंत्री के 24 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से नाम निकालने के महीनों से चल रहे प्रोपेगेंडा की पोल खुल गई। उनके मंत्री ने नेता विपक्ष के प्रश्न के जवाब में सदन में जो उत्तर दिया, उसी से मुख्यमंत्री के झूठ का पर्दाफाश हो गया।
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नेता विपक्ष ने कहा कि सत्र में सरकार के झूठ बोलने की कला में पारंगत होने के बावजूद उसे विपक्ष के हाथों कई मामलों में मुंह की खानी पड़ी। मंत्री इमरान हुसैन द्वारा चुनाव आयोग का पत्र छिपाने और रिपोर्ट प्रस्तुत न करने के कारण उन्हें अवमानना का नोटिस लाना पड़ा। विपक्ष ने आयुर्वेदिक दवाइयों की खरीद में सरकार की नाक के नीचे चल रहे लगभग 100 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार को उजागर किया। 
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विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पूरा सत्र निरर्थक और औपचारिक रहा। न कोई बिल लाया गया और न सरकार किसी भी सवाल का गंभीरतापूर्वक जवाब देती नजर आई। सरकार का यह अंतिम बजट था। चुनाव घोषणा पत्र में किए गए 70 वायदों को पूरा करने का भी यह आखिरी मौका था, पर सरकार अपने वायदों को लेकर कहीं गंभीर नजर नहीं आई। उसने घुमा-फिराकर जनता की आंखों में धूल झोंकने की भरसक कोशिश की।

नियुक्तियों और तबादलों की जांच करें एलजी

 विजेंद्र गुप्ता ने आप सरकार को अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार बताते हुए आरोप लगाया कि ट्रेड एंड टैक्सेज विभाग में चहेते भ्रष्ट अधिकारियों को तैनात किया गया और बाद में इन्हीं को भ्रष्ट बताते हुए हटा दिया गया। गुप्ता ने उपराज्यपाल (एलजी) से इस दौरान हुई नियुक्तियों व स्थानांतरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता में गुप्ता ने कहा कि 14 फरवरी 2015 से 4 अगस्त 2016 तक सेवा विभाग आप सरकार के अधीन था। सरकार ने बड़ी तादाद में विभाग में चहेते भ्रष्ट अधिकारियों को तैनात किया। 18 उच्च अधिकारी मुख्यमंत्री की स्वीकृति से तैनात हुए।

इनमें से 9 उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 9 तत्कालीन सचिव सेवाएं राजेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री के कहने पर तैनात किए। जब सरकार को लगा कि पानी सिर से ऊपर निकल रहा है तो 26 अक्तूबर 2018 को उन्हें सेवा विभाग को वापस कर दिया गया और आरोप एलजी पर मढ़ दिया गया।

कहा कि सेवा अधिकार मुद्दे पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2016 को आदेश दिया था कि एलजी ही सर्विसेज मामले में सक्षम अधिकारी हैं। गुप्ता ने कहा कि राजेंद्र कुमार वही अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज है और वे निलंबित हैं। इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रत्यूष कंठ व अशोक गोयल देवराह भी मौजूद थे।
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