दिल्ली बजट: वायु प्रदूषण में 75 फीसदी कमी का लक्ष्य, लगाए जाएंगे दो करोड़ पौधे
- दिल्ली में लगाए जाएंगे दो करोड़ पौधे, पर्यावरण मार्शल भी होंगे मुस्तैद
- पर्यावरण के प्रति जन भागीदारी और जागरूकता के लिए 20 करोड़ का बजट
विस्तार
दिल्ली की आबोहवा को साफ रखने और हरा-भरा बनाए रखने के लिए वायु प्रदूषण के मौजूदा स्तर में 75 फीसदी तक की कमी लाने का सरकार का लक्ष्य है। पांच वर्ष में दो करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, पर्यावरण संरक्षण के लिए अब श्रमश्रक्ति की कमी को दूर करने के लिए पर्यावरण मार्शल मुुस्तैद रहेंगे। वातावरण के प्रति जनभागीदारी और जागरूकता बढ़ाने पर दिल्ली सरकार ने 20 करोड़ रुपये खर्च करने का बजट प्रस्ताव किया है।
वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में वायु प्रदूषण में 25 फीसदी तक की कमी आई है। लक्ष्य हासिल करने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के न्यूनतम इस्तेमाल, जूट और कपड़े से तैयार थैलों का इस्तेमाल, कागज की बर्बादी रोकने और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से उत्सव मनाने समेत पर्यावरण सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाएगा।
नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ग्रीन सिटीजन अवार्ड दिए जाएंगे।
गुलदस्ते के बजाय भेंट करें पौधे
घरों पर ही कूड़े की छंटाई, कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, उपहार में गुलदस्ता के बजाय पौधे भेंट करने, कम दूरी के लिए साइकिल के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
एनवायरमेंट मार्शल की होगी अहम भूमिका
बजट में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत नियमों पर अमल में श्रम शक्ति के आभाव में रहने वाली कमियों को दूर करने के लिए 2020-2021 के बजट में एनवायरमेंट मार्शल की नई योजना का प्रस्ताव किया है। दो करोड़ रुपये के खर्च से इस योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। इसके तहत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यों के लिए समर्पित श्रमशक्ति की कमी भी नहीं रहेगी।
स्मॉग टावर के लिए 30 करोड़ का बजट
प्रदूषण को बड़े पैमाने पर दूर करने के लिए स्मॉग टावर स्थापित करने की परियोजना पर अमल की जरूरत है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण प्रबंधन योजना के तहत कुल 30 करोड़ रुपये के परिव्यय का बजट प्रस्ताव है।
पांच वर्ष में लगाए जाएंगे दो करोड़ पौधे
हरित पर्यावरण के लिए वन क्षेत्र और वृक्षों के दायरे में बढ़ोतरी के लिए विभिन्न उपायों किए जा रहे हैं। इसके तहत वन और हरित क्षेत्र का दायरा 2015 के 299.77 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 2019 में 324.44 वर्ग किलोमीटर हो गया है। हरित क्षेत्र बढ़कर 21.88 फीसदी तक पहुंच गया है। अगले पांच वर्ष में दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए वर्ष 2020-21 में 22 हरित एजेंसियों की ओर से 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।