दिल्ली बनी कोरोना हॉटस्पॉट, अब हालात को कैसे काबू में करेगी सरकार?
- गुरुवार को एक दिन में 1024 मामले तो शुक्रवार को 1106 मामले सामने आए
- स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा, जनता सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व समझे, वरना स्थिति होगी विस्फोटक
- नगर निगमों ने अपने स्तर पर शुरू की बड़ी तैयारी
विस्तार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जनता सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई के साथ पालन करे, अन्यथा आगे आने वाले समय में स्थिति विस्फोटक हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग इस चुनौती से निबटने के लिए कड़ी तैयारी भी कर रहा है।
वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि लगभग 80 फीसदी लोग अपने घरों पर रहकर ही ठीक हो रह हैं।
सरकार ने कहा है कि अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर उपलब्ध हैं और किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है।
एलएनजेपी के पूर्व एमएस डॉक्टर किशोर सिंह ने अमर उजाला डॉट काम को बताया कि वैश्विक स्तर पर यही ट्रेंड देखा गया है कि कोरोना के मामले घातीय रूप से बढ़ते हैं।
दिल्ली सहित देश में कोरोना के मामले इसी गति से बढ़ रहे हैं। अगर जनता शारीरिक दूरी रखने के नियमों का पालन नहीं करती है, लोग बाहर निकलने के समय मास्क नहीं लगाते हैं तो इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
हालांकि, डॉक्टर किशोर सिंह के मुताबिक हमारे लिए सबसे अच्छी बात यही है कि कोरोना के 80 से 90 फीसदी मामले अपने घरों पर रहकर भी ठीक किये जा सकते हैं।
इसलिए किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन इस वजह से शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों में किसी प्रकार की ढील देना बड़े खतरे को न्योता देने जैसा होगा।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ने से चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने इससे निबटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।
इस समय भी अस्पतालों में पांच हजार से ज्यादा बेड खाली पड़े हैं और ज्यादा लोगों के बीमार पड़ने की स्थिति में उपयोग किये जा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समय दिल्ली में कोरोना के कुल 17,386 मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन केवल 28 लोगों को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ रही है।
दिल्ली में 300 से ज्यादा वेंटीलेटर बिल्कुल तैयार मोड पर रखे गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को उचित उपचार मुहैया कराया जा सके। इसलिए किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है।
नगर निगमों के शीर्ष नेताओं ने की बैठक
दिल्ली के तीनों नगर निगमों के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन ने गुरुवार को एक बैठक कर राजधानी में कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि जैसे ही दिल्ली सरकार की तरफ से उन्हें उनकी किसी एरिया में कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलती है, उसे वार्ड के संबंधित अधिकारियों को भेजा जाता है।
अधिकारियों के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के घर और आस-पड़ोस में लोगों को कोरोना से बचने की जानकारी दी जाती है। पूरी गली को सैनिटाइज कराया जाता है।
मुनादी कर लोगों को संक्रमण के खतरे से बचने की जानकारी दी जाती है। इन घरों से निकलने वाले कूड़े को पीपीई किट पहने सफाईकर्मी पीले बैग में एकत्र करते हैं। इसे स्वामी दयानंद अस्पताल में बायोलॉजिकल वेस्ट के माध्यम से निस्तारित किया जाता है।