जिनको टिकट नहीं उन्होंने छोड़ी झाड़ू: आठ MLA के साथ छोड़ने पर आप का बयान, बताया इसके पीछे BJP-कांग्रेस का हाथ
Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को आम आदमी पार्टी को एक-दो नहीं बल्कि आठ झटके लगे हैं। सबसे पहले महरौली के विधायक नरेश यादव ने इस्तीफा दिया। इसके कुछ घंटे बाद ही जनकपुरी से विधायक राजेश ऋषि ने पार्टी छोड़ी फिर त्रिलोकपुरी से विधायक रोहित कुमार मेहरौलिया, मादीपुर से गिरीश सोनी, कस्तूरबा नगर के विधायक मदन लाल, पालम विधायक भावना गौड़, आदर्श नगर विधायक पवन कुमार शर्मा और फिर बिजवासन से भुपेंद्र सिंह जून ने भी अपना इस्तीफा दे दिया।
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विस्तार
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान को केवल पांच दिन शेष बचे हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी के आठ विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देकर सियासी घमासान मचा दिया। वहीं एक अन्य विधायक के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा चल रही है। सभी ने पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। जबकि आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि इन विधायकों पर भाजपा और कांग्रेस ने दबाव बनाया है। इन सभी विधायकों को चुनाव में टिकट नहीं मिली। ऐसे ही अन्य दो विधायकों ने पार्टी के साथ खड़े रहने का दावा किया।
इस्तीफे में किसने क्या लिखा...
महरौली विधायक नरेश यादव ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, आम आदमी पार्टी का उदय भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए, अन्ना आंदोलन से भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को मुक्त करने के लिए हुआ था लेकिन अब मैं बहुत दुखी हूं कि भ्रष्टाचार आम आदमी पार्टी बिल्कुल भी कम नहीं कर पाई बल्कि आम आदमी पार्टी ही भ्रष्टाचार के दलदल में लिप्त हो चुकी है।
मैंने 10 साल ईमानदारी से काम किया
नरेश यादव ने लिखा, मैंने आम आदमी पार्टी ईमानदारी की राजनीति के लिए ही ज्वाइन की थी। आज कहीं भी ईमानदारी नजर नहीं आ रही है। मैंने महरौली विधानसभा में पिछले 10 सालों से लगातार 100 फीसदी ईमानदारी से काम किया है। महरौली के लोग जानते हैं कि मैंने ईमानदारी की राजनीति, अच्छे व्यवहार की राजनीति और काम की राजनीति की है। मैंने महरौली के बहुत से लोगों से चर्चा की, सभी ने यही कहा कि आम आदमी पार्टी अॅब पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुकी है। आपको इस पार्टी को छोड़ देना चाहिए क्योंकि इन्होंने लोगों के साथ धोखा किया है। कहते थे, कि हम ईमानदारी की राजनीति करेंगे लेकिन आज पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है।
पार्टी में शामिल हो चुके भ्रष्टाचारी
नरेश यादव ने आगे लिखा, दिल्ली की जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है क्योंकि इन्होंने भ्रष्टाचारियों को ही पार्टी में शामिल कर लिया है। आम आदमी पार्टी में कुछ ही लोग ईमानदारी की राजनीति करने वाले बचे हैं। केवल उनसे मेरा प्यार व दोस्ती हमेशा रहेगी और अपनी महरौली की जनता का भी मैं दिल से आभार और धन्यवाद प्रकट करता हूं कि इन्होंने मुझे 10 सालों में बहुत प्यार और आशीर्वाद दिया है। महरौली विधान सभा और दिल्ली की प्यारी जनता से विनम्र निवेदन है कि आगे की ईमानदारी से समाज सेवा वाली राजनीति के लिए अपना आशीर्वाद और प्यार हमेशा मुझपर बनाये रखें। मैं आप सभी से वादा करता हूं कि हमेशा ईमानदारी की, अच्छे व्यवहार की और काम की राजनीति करता रहूंगा।
प्रिय केजरीवाल जी,
मैं आपको सूचित करने के लिए लिख रहा हूं कि मैं आम आदमी पार्टी (आप) की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों और जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं।
भ्रष्टाचार-मुक्त शासन से दूरी
1. 'आप' भ्रष्टाचार-मुक्त शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित थी। पार्टी से, मैंने इन मूल मूल्यों में एक महत्वपूर्ण दूरी देखी है। पार्टी के कार्यों और निर्णयों ने राजनीतिक सुविधा को लोगों के कल्याण पर प्राथमिकता दी है।
2. अन्ना हजारे के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात
इंडिया-अगेस्ट-कॉरप्शन मूवमेंट से उत्पन्न आम आदमी पार्टी, जो अन्ना हजारे के सिद्धांतों, ईमानदारी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनी थी। हालांकि, मुझे यह देखकर दुख होता है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों को त्याग कर भ्रष्टाचार में डूब गई है।
3. संतोष कोली के बलिदान को भुला दिया गया
पार्टी का संतोष कोली के बलिदान के साथ व्यवहार करना नैतिक दिवालियापन दिखता है है। आपका संतोष कोली के लिए आंसू बहाना और संतोष के हत्यारे के खिलाफ प्रोटेस्ट करना एक नाटक था आपने संतोष के हत्यारे की सीमापुरी में टिकट दे कर पुरस्कृत किया है। यह पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति विश्वासघात है।
4. भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद
पार्टी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का एक कटोरा बन गई है। जो लोग अखंडता के संरक्षक होने वाले थे, वे इसके सबसे बड़े उल्लंघनकर्ता बन गए हैं। मैं अब एक ऐसे संगठन का हिस्सा नहीं बन सकता जिसने अपने नैतिक दिशा को खो दिया है।
5. लोगों के विश्वास का विश्वासपात
मैं यह स्वीकार करने के लिए गहरा दुख महसूस करता है कि आम आदमी पार्टी (आप) ने उन लोगों के साथ विश्वासघात क्रिया है। जिन्होंने अरविंद केजरीवाल पर एक राजनीतिक दल बनाने के लिए विधान किया था। मैं उनमें से एक था, और मेरे पार्टी की नीव और निर्माण करने और स्माठन बनाने के लिए संघर्ष किया था। हालांकि, वह देकर मझे दर्द होता है कि पाटी अपने मूल सिद्धांतों से हट गई है।
6. आम आदमी पार्टी एक अनियंत्रित गिरोह
आम आदमी पार्टी एक अनियंत्रित गिरोह के लिए एक स्वर्ग बन गई है। पार्टी का प्रचार भाई-भाई और तानाशाही के साथ पर्यायवाची हो गई है। पार्टी की स्थापना शिपाई था, उहिया गया है समथाओं से अलग नहीं हो पाई है जिन्हें होती देना चाहती थी।
आपकी समझ के लिए धन्यवाद।
दिल्ली की त्रिलोकपुरी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक रोहित कुमार महरौलिया ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आप की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
मदन लाल ने विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल के नाम चिट्ठी में लिखा, 'मैंने दिल्ली विधानसभा की सदस्यता त्यागने का फैसला किया है. मैं मेरे कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए आभार जताता हूं।'
भुपेंद्र सिंह जून ने केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा है कि मैं तत्काल प्रभाव से आम आदमी पार्टी से अपना इस्तीफा देता हूं। जिन मूल्यों और सिद्धांतों पर पार्टी की स्थापना हुई थी, उससे पार्टी भटक गई है। पार्टी ने शुरू में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को टिकट या सदस्यता देने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। हालांकि, अब उसने बिजवासन से एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया है, जिसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे ही एक मामले में उन्हें दोषी भी ठहराया जा चुका है।
विधायक भावना गौड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रही हूं। आप (केजरीवाल) और पार्टी ने जनता में विश्वास खो दिया है।
केजरीवाल को लिखे पत्र में पवन शर्मा ने कहा है कि मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा देता हूं। आम आदमी पार्टी जिस विचाधारा पर बनी थी। उस विचारधारा से पार्टी भटक चुकी है। आम आदमी पार्टी की यह दुर्दशा देख कर मन बहुत दुखी है। कृपया करके मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए।
मादीपुर विधायक गिरीश सोनी का इस्तीफा पत्र

विधायक ने की आलोचना
आठ विधायक के इस्तीफे पर दिलीप पांडे और ऋतुराज झा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें भी इस बार टिकट नहीं दिया, लेकिन वह पार्टी नहीं छोड़ रहे। वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। झा ने कहा कि केजरीवाल ने उन्हें सब कुछ दिया और उन्हें 10 साल तक किरारी का विधायक बनाए रखा। आने वाले दिनों में उन्हें और जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
भाजपा-कांग्रेस बना रही दबाव
आप विधायकों के इस्तीफा देने के बाद दो अन्य विधायक ऋतुराज झा और दिलीप पांडे मीडिया के सामने आए। इन दोनों विधायकों को भी इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। दोनों विधायकों ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर कहा कि भाजपा और कांग्रेस द्वारा पद का लालच देकर आम आदमी पार्टी छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। झा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से भाजपा के लोग मुझे लगातार संपर्क कर रहे थे और कई तरह के प्रलोभन दे रहे थे कि आपको ये बना देंगे। दिलीप पांडे ने कहा कि मैं आम आदमी पार्टी में था, हूं और आगे भी रहूंगा।