फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: Anticipatory bail plea of accused Baba rejected in fraud case

Delhi: यौन उत्पीड़न के आरोपी बाबा की धोखाधड़ी मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज, अदालत ने कहा पूछताछ जरूरी

Sat, 27 Sep 2025 06:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 27 Sep 2025 06:39 AM IST
विज्ञापन
Delhi: Anticipatory bail plea of accused Baba rejected in fraud case
Patiala house court - फोटो : ANI

पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी ने अपने खिलाफ कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के मामले में बीएनएस धारा 482 (गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग) के तहत एक आवेदन दायर किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने दलीलें सुनने के बाद अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया और कहा कि आदेश शुक्रवार शाम या शनिवार को सुनाया जाएगा। हालांकि, अदालत ने अपना फैसला शुक्रवार को ही सुना दिया। बाबा पर 17 छात्राओं से यौन उत्पीड़न का भी कथित आरोप है।

विज्ञापन


न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जांच के प्रारंभिक चरण में पुलिस को धोखाधड़ी, ठगी, षड्यंत्र और धन के दुरुपयोग की पूरी श्रृंखला स्थापित करने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है। शिकायतकर्ता पीए मुरली का आरोप है कि आरोपी और अन्य लोग साजिश, जालसाजी, प्रतिरूपण, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और पीठम (श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम, श्रृंगेरी) से संबंधित संपत्तियों और धन के दुरुपयोग में शामिल थे। 
विज्ञापन


यह भी आरोप लगाया कि वीआर गौरीशंकर 26 अक्तूबर, 1989 तक पीठम के तत्कालीन सीईओ और प्रशासक थे, लेकिन उनके पद को रद्द कर दिया गया। उसके बाद शिकायतकर्ता को सात मार्च, 2024 को कर्नाटक के चिकमगलूर जिला के पीठम का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत किया गया। उनका आरोप है कि पीठम विभिन्न धर्मार्थ, शैक्षिक और सामाजिक पहलों में भी शामिल है और इसी प्रक्रिया में, श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च पीठम के तत्वावधान में शैक्षिक और सामाजिक संस्थानों में से एक है, जो दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जाली दस्तावेज, पासपोर्ट और अलग नामों से खाता होने का आरोप
शिकायकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने एआईसीटीई के रिकॉर्ड में हेराफेरी की और वह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो अलग-अलग नामों से खाता भी संचालित कर रहा है। इन खातों को खोलने और खाते को दूसरी शाखा में स्थानांतरित करते समय, अलग-अलग विवरणों वाले अलग-अलग दस्तावेज दिए गए थे। यह भी आरोप है कि उसने एफआईआर दर्ज होने के बाद ट्रस्ट के नाम पर यस बैंक के खाते से लगभग 50 से 55 लाख रुपये निकाले हैं। अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर जाली दस्तावेज बनाने, अलग-अलग नामों से दो पासपोर्ट बनवाने और अलग-अलग नामों से बैंक खाते संचालित करने का आरोप भी लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed