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पीटीएम पर दिल्ली और केंद्र सरकार आमने-सामने, अधिकारों पर सवाल
Fri, 03 Jan 2020 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 03 Jan 2020 05:38 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन की तरफ से मेगा पीटीएम रद्द करवाने के लिए उपराज्यपाल को लिखे गए पत्र पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि ये लोग पीटीएम क्यों रद्द करवाना चाहते हैं? इसमें मां बाप को अपने बच्चों की प्रगति पर अध्यापकों से चर्चा करने का मौका मिलता है।
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अभिभावक पीटीएम का बेसब्री से इंतजार करते हैं। केजरीवाल ने कहा कि पीटीएम समय पर होगी। इसमें वह खुद अभिभावकों का फीडबैक लेने के लिए शामिल होंगे।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया से पार्टी दफ्तर में बात करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने सरकारी स्कूल में पीटीएम रद्द कराने के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। सिसोदिया ने सवाल किया कि हर्षवर्धन की उपराज्यपाल को पीटीएम रद्द करने के लिए पत्र लिखने की हिम्मत कैसे हुई।
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मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के शिक्षा सुधार में पीटीएम का बड़ा योगदान रहा है। चार जनवरी को होने वाले पीटीएम के लिए सभी अध्यापकों ने मेहनत की है। छह लाख बच्चों की परीक्षा होनी है।
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प्री-बोर्ड के बाद बोर्ड की तैयारी के लिए 45 दिनों में अभिभावकों के साथ मिलकर शिक्षक बच्चों की सफलता का खाका बनाना चाहते हैं, लेकिन हर्षवर्धन इसमें बाधक बन रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होगा। यह दिल्ली के शिक्षा विभाग की पीटीएम है, इसे डॉ. हर्षवर्धन नहीं रुकवा पाएंगे।