दिल्ली अग्निकांड: खामोश जिंदगियों के फोन पर घनघनाती रहीं घंटियां
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अनाज मंडी हादसे में खामोश जिंदगियों के फोन घनघनाते रहे, लेकिन इसे रिसीव करने वाले दुनिया को ही छोड़ गए थे। सोमवार सुबह मौके पर पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब एक दर्जन मोबाइल फोन बरामद किए। इसमें से कई काम कर रहे थे। इन पर दर्जनों मिस काल थीं।
जांच टीम के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे अधिकारी अंदर गए। वहां जाकर कमरे की तलाशी ली गई। इस दौरान करीब एक दर्जन मोबाइल बरामद किए गए। इसमें से कई मोबाइल फोन दूसरे दिन भी ऑन थे। इन मोबाइल नंबरों पर दर्जनों मिस काल पड़ी थीं। ज्यादातर काल सेव नंबरों से थी। उसमें से मां, पापा, पत्नी की फोन काल ज्यादा थी।
अधिकारी ने बताया कि सबसे दर्दनाक बरामदगी के बाद फोन काल रिसीव करना रहा। नाम पूछने पर जब मृतकों की सूची देखकर जानकारी दी गई तो दूसरे तरफ से चीखें सुनाई पड़तीं। इसे सुनकर कई बार खुद को संभालना मुश्किल हो रहा था। किसी तरह घर बैठे परिजनों को बताया जा सका कि वह दिल्ली के अस्पताल में जाएं। दोपहर बाद तक यही सिलसिला चलता रहा।
राहुल की मां ने रात भर मिलाया था फोन, नहीं हुआ रिसीव
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के भानपुर माफी गांव की बुजुर्ग महिला रोज की तरह रविवार शाम को भी जवान बेटे को फोन मिलाया। उसको घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। फोन न उठने पर उसे चिंता हुई। देर रात तक कई बार बेटे से बात करने की उसकी कोशिश नाकाम रही।
इसके बाद उसने गांव के ही अवधेश को फोन लगाया, जो दिल्ली के लाजपत नगर में काम करता है। अवधेश रात को ही अनाज मंडी के लिए बाइक से निकल गया, लेकिन वहां का मंजर देखकर सदमे में आ गया।
सोमवार दोपहर को लोकनायक अस्पताल में अवधेश ने राहुल के शव की पहचान की। लाचार और बेबस अवधेश की अब हिम्मत नहीं हो रही कि वह उस बुजुर्ग मां को इसकी सूचना दे सके। मां अपनी दहलीज पर बैठी बेटे के फोन का इंतजार कर रही है।
मृतकों को दी श्रद्धांजलि
अनाज मंडी वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने अग्निकांड में जान गंवाने लोगों की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस मौके पर मांग की गई कि सरकार इस तरह की समस्या का माकूल हल निकाले। संरक्षक अर्जुन कुमार ने बताया कि 43 लोगों की मौत बेहद दुखद है।
सरकार से मिलने वाला कोई भी मुआवजा मृतकों की कमी को पूरा नहीं कर सकता। यह पुरानी दिल्ली क्षेत्र शहाजहांनाबाद का इलाका कहलाता है। इसे विशेष दर्जा प्राप्त है। यहां पर बहुत पुरानी इमारतें संकरी गलियों में बनी हुई हैं।