Delhi Air Quality: तेज हवाओं ने प्रदूषण को किया कम, फिर भी दिल्ली की हवा 'बेहद खराब', AQI 304 दर्ज किया गया
तेज हवाओं के बावजूद प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। इस प्रतिकूल मौसम के कारण लोग मास्क पहनकर बाहर निकलने को मजबूर हैं, और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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राजधानी में तेज हवाओं ने प्रदूषण को कम कर दिया है, लेकिन लोगों को राहत नहीं मिली है। ऐसे में बृहस्पतिवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 304 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें बुधवार की तुलना में 38 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई।
एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित
दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 308 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गुरुग्राम में 293, गाजियाबाद में 302 और ग्रेटर नोएडा में 285 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 203 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 13.74 फीसदी रही। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों से 1.89, आवासीय प्रदूषण 3.34 और पेरिफेरल उद्योग से 6.75 फीसदी भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा उत्तर पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 5500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 251 और पीएम2.5 की मात्रा 137 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
जानें आगे कैसी रहेगी हवा की सेहत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।