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Delhi : पर्यावरण क्षतिपूर्ति से होगा हवा-पानी साफ, डीपीसीसी ने बनाई कार्ययोजना; एनजीटी में रिपोर्ट दाखिल

Wed, 09 Apr 2025 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 09 Apr 2025 05:38 AM IST
सार

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) के रूप में वसूली गई करोड़ों रुपये की राशि का उपयोग पानी और हवा को साफ करने पर करेगी।

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Delhi: Air and water will be clean through environmental compensation
demo - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) के रूप में वसूली गई करोड़ों रुपये की राशि का उपयोग पानी और हवा को साफ करने पर करेगी। इसके लिए डीपीसीसी ने कार्ययोजना तैयार की है।

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इसमें पर्यावरण में सुधार के लिए आठ गतिविधियों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति का उपयोग किया जाएगा। यही नहीं, प्रत्येक गतिविधि के लिए प्रस्तावित मद के साथ ही समय-सीमा भी निर्धारित की गई है।
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वहीं, डीपीसीसी सभी आठ गतिविधियों पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही, इसे पूरा करने की निर्धारित तारीख दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच तय की गई है। दरअसल, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को डीपीसीसी ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है।
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डीपीसीसी के सदस्य सचिव डॉ. केएस जयचंद्रन ने यह रिपोर्ट आवेदनकर्ता त्रिभुवन कुमार के एक आवेदन पर दाखिल की है। इसमें पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के रूप में डीपीसीसी की तरफ से उल्लंघनकर्ताओं से वसूले गए करोड़ों रुपये के उपयोग की एक कार्ययोजना पेश करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

ऐसे में एनजीटी ने इस मामले में डीपीसीसी को रिपाेर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। डीपीसीसी ने अपनी रिपोर्ट में अदालत को बताया कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग करने के संबंध में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 11 गतिविधियां निर्धारित की हैं। इसमें वायु व जल गुणवत्ता की निगरानी से लेकर जल निकायों की बहाली व लैब की स्थापना शामिल है।

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ऐसे में डीपीसीसी ने आठ गतिविधियों की एक कार्ययोजना तैयार की है। वहीं, रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि डीपीसीसी के पास उपलब्ध ईसी फंड की मात्रा 65.1494 करोड़ रुपये है। पिछले 12 महीनों के दौरान प्राप्त ईसी के आंकड़ों के आधार पर डीपीसीसी में ईसी का औसत मासिक प्रवाह लगभग 93 लाख रुपये है।

डीपीसीसी की तरफ से तैयार प्रमुख गतिविधियां

  • क्रियाकलाप खर्च की जाने के लिए प्रस्तावित ईसी उपयोग की समय-सीमा
  • वायु व जल प्रयोगशाला में आउटसोर्स तकनीकी/वैज्ञानिक कर्मचारियों की भर्ती 1.05 करोड़ 31 मार्च 2026
  • यमुना नदी और नालों में वास्तविक समय जल गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों की स्थापना 25 करोड़ 30 सितंबर 2025
  • नए परिसर सहित एयर लैब और वाटर लैब के बुनियादी ढांचे की स्थापना 19 करोड़ 31 मार्च 2026
  • नालों में ठोस अपशिष्ट डालने पर रोक के लिए जन जागरूकता के लिए गैर सरकारी संगठनों को शामिल करना 20 करोड़ 30 जून 2026
  • वायु व जल प्रयोगशालाओं की गतिविधि के लिए किराये पर लिए गए वाहनों की राशि 60 लाख 31 मार्च 2026
  • सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र के उन्नयन और निर्माण से संबंधित अध्ययन 5.21 करोड़ 31 दिसंबर 2025
  • दिल्ली में परिवेशीय शोर निगरानी स्टेशनों की स्थापना 8 लाख 31 मार्च 2026

 

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