दिल्ली: एम्स प्रशासन के साथ बैठक के बाद नर्सिंग यूनियन ने वापस ली हड़ताल
लंबे समय से कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे दिल्ली एम्स के नर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। कर्मचारियों ने कोरोना काल में हड़ताल व मरीजों की सेवा नहीं करने पर दुख जताने के साथ खुद को इस कदम के लिए मजबूर बताया है। सोमवार को दिल्ली एम्स में नर्सिंग कर्मचारियों ने अपना काम छोड़कर परिसर में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया था। दोपहर बाद कर्मचारियों ने हड़ताल की घोषणा कर दी, जो आज भी जारी है। नर्सिंग यूनियन का आरोप है कि एम्स प्रबंधन और सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है। अगर अभी भी उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया तो 16 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स
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विस्तार
नर्सिंग यूनियन ने वापस ली हड़ताल
एम्स प्रशासन के साथ बैठक के बाद नर्सिंग यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया है।
एम्स ने नर्सिंग यूनियन को बैठक के लिए बुलाया
एम्स प्रशासन ने नर्सिंग यूनियन को आज शाम को बैठक के लिए बुलाया है।
AIIMS administration extends an invitation to the protesting AIIMS Nurses Union for a meeting at 5 pm, today https://t.co/PVvzIRro1w
— ANI (@ANI) December 15, 2020
दिल्ली हाईकोर्ट ने एम्स नर्सिंग यूनियन की हड़ताल पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने एम्स नर्सिंग यूनियन की हड़ताल पर रोक लगाते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एम्स प्रशासन द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद जारी किया गया है। एम्स प्रशासन ने अपनी याचिका में कहा है कि नर्सिंग यूनियन की मांगों पर विचार चल रहा है, ऐसे में हड़ताल अवैध है। प्रशासन की दलील सुनने के बाद जस्टिस नवीन चावला ने नर्सिंग यूनियन को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है और इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को तय की है।
एम्स ने नर्सों को जारी किया खत
एम्स प्रशासन ने प्रदर्शनकारी नर्सों को पत्र जारी करते हुए लिखा है कि, वो नर्सिंग स्टाफ जो ड्यूटी पर आते हैं उन्हें अटेंडेंस लगाना जरूरी है और जो अनुपस्थित हैं जिनका अटेंडेंस नहीं होगा उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा।
Delhi: AIIMS administration issues letter to the protesting nursing staff stating, "It may be ensured that attendance of all the Nursing personnel who report for duty is mandatorily recorded and those absent, to be marked as such." pic.twitter.com/1ldY0dNqWq
— ANI (@ANI) December 15, 2020
एम्स नर्सिंग यूनियन के समर्थन में सामने आया दिल्ली नर्सिंग संघ
हड़ताल कर रहे एम्स के नर्सिंग यूनियन के समर्थन में दिल्ली नर्सिंग संघ सामने आया है। दिल्ली नर्सिंग संघ ने कहा कि पूरे देश में नर्सों की यही स्थिति है। 10 साल से नर्सों की हालत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हम बातचीत के लिए तैयार
एक नर्सिंग कर्मचारी ने बताया कि यूनियन प्रशासन से बातचीत के लिए तैयार है। हमें मरीजों के लिए बुरा लग रहा है लेकिन हम मजबूर हैं क्योंकि हमारी मांगें पूरी नहीं की गई हैं। हमने हड़ताल का नोटिस एक महीने पहले ही दे दिया था लेकिन फिर भी प्रशासन ने हमारी बात नहीं सुनी।
Our Union is ready for talks with the administration. We are feeling bad for patients but we're helpless as our demands haven't been met. We had given notice for strike a month ago but even then the administration didn't listen to our demands: President, AIIMS Nurses Union, Delhi https://t.co/aEjKJO4VWV pic.twitter.com/LpT06KjPLN
— ANI (@ANI) December 15, 2020
एम्स में मचा हुआ है हड़कंप
उधर हड़ताल की खबर ने पूरे एम्स में हड़कंप मचा दिया है। ओपीडी और आपातकालीन विभाग पर हड़ताल का ज्यादा असर नहीं पड़ा लेकिन अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार को लेकर दिक्कतें आना शुरू होंगी। इसी के चलते शाम को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का वीडियो संदेश यूनियन तक पहुंचा। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि प्रबंधन और सरकार ने नर्सिंग यूनियन की सभी मांगों को स्वीकार लिया है, लेकिन एक मांग पर अभी तक सहमति नहीं है। कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर इस मांग में छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर जोर दिया है जोकि फिलहाल संभव नहीं है। इस दिशा में प्रबंधन की ओर से काम किया जा रहा है लेकिन महामारी के बीच जहां हर कोई एक जंग लड़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल से न सिर्फ एम्स की छवि धूमिल होगी, बल्कि मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष ने कही ये बात
एम्स नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष हरीश कुमार का कहना है कि लंबे समय से प्रबंधन के आगे अपनी मांगों को लेकर चर्चा चल रही है। एक महीने पहले ही यूनियन ने प्रबंधन को समय देते हुए कहा था कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मचारियों के पास अपना काम छोड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा। हरीश का कहना है कि एम्स हर कर्मचारी और डॉक्टर का संस्थान है। यहां आने वाले सभी मरीजों की जिम्मेदारी भी उनकी है। नर्सिंग यूनियन यह कतई नहीं चाहती है कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा आए, लेकिन प्रबंधन को यह भी सोचना चाहिए कि कर्मचारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो वह कोरोना संकट में रात दिन कैसे अपना बेहतर योगदान कर सकेंगे।
#WATCH Members of AIIMS Nurses Union in Delhi sit on an indefinite strike over redressal of their demands, including that related to 6th Central Pay Commission pic.twitter.com/pHG1k3vVaI
— ANI (@ANI) December 15, 2020