फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: 353 vehicles are being caught without PUCC every hour in the capital

Delhi : हर घंटे पकड़े जा रहे हैं बिना पीयूसीसी के 353 वाहन, ग्रेप 3-4 प्रतिबंध हटने के बावजूद अभियान जारी

Mon, 09 Dec 2024 01:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 09 Dec 2024 01:38 AM IST
सार

ट्रैफिक पुलिस की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक घंटे में 353 वाहन हर रोज पकड़े जा रहे हैं। ये डाटा दो दिसंबर का है। एक दिसंबर को हर घंटे 347 वाहन बिना पीयूसीसी के पकड़े गए। सबसे ज्यादा 30 नवंबर को पकड़े गए। इस दिन हर घंटे 389 वाहन पकड़े गए।

विज्ञापन
Delhi: 353 vehicles are being caught without PUCC every hour in the capital
demo pic - फोटो : PTI

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी में बिना पीयूसीसी (वैध प्रदूषण जांच पत्र) के वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक घंटे में 353 वाहन हर रोज पकड़े जा रहे हैं। ये डाटा दो दिसंबर का है। एक दिसंबर को हर घंटे 347 वाहन बिना पीयूसीसी के पकड़े गए। सबसे ज्यादा 30 नवंबर को पकड़े गए। इस दिन हर घंटे 389 वाहन पकड़े गए। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष 2023 के मुकाबले इस वर्ष में बिना पीयूसीसी पकड़े जाने वालों वाहनों की संख्या में 95.88 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। 

विज्ञापन


दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डाटा को देखे तो दिल्ली में दो दिसंबर को बिना पीयूसीसी चलने वाले 8460 वाहनों का चालान किया गया। बताते चलें कि बिना पीयूसीसी चलने वाले वाहनों को 10 हजार रुपये का चालान होता है। 1 दिसंबर को 8344 वाहनों का चालान किया गया। इस हिसाब से हर घंटे में बिना पीयूसीसी के 347 वाहन पकड़े गए। सबसे बड़ा आंकड़ा 30 नवंबर का है। इस दिन बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के चलने वाले 9326 वाहन पकड़े गए। ऐसे में हर घंटे में बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के 389 वाहनों का चालान किया गया। हालांकि इन दिनों ग्रेप 3 व 4 लागू था।
विज्ञापन


95.88 फीसदी बढ़ी बिना पीयूसीसी चलने वाले वाहनों की संख्या
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डाटा के अनुसार, वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में बिना पीयूसीसी के पकड़े गए वाहनों की संख्या 95.88 फीसदी बढ़ी है। वर्ष 2024 में दो दिसंबर तक बिना पीयूसीसी चलने वाले 456189 वाहनों को चालान किया गया है। हालांकि साल पूरा होने में 19 दिन बाकी हैं। हर रोज के हिसाब से देखा जाए तो हर दिन 4222 वाहन बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के चलने वाले पकड़े गए। इस तरह वर्ष 2023 में बिना पीयूसीसी के 232885 वाहन पकड़े गए। वर्ष 2022 में 164638 वाहन पकड़े गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


1458.90 फीसदी बढ़ी पुराने वाहनों को पकड़ने की रफ्तार -
राष्ट्रीय राजधानी में इस वर्ष प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया। साथ ही दिल्ली पुलिस ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पुराने वाहनों को पकड़ने का आंकड़ा 1458.90 फीसदी बढ़ी है। पिछले वर्ष 2023 में जहां 10/15 वर्ष 528 वाहन पकड़े गए। वहीं इस वर्ष 2 दिसंबर तक 8531 पुराने वाहन पकड़े गए हैं।


प्रदूषण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा-
दिल्ली पुलिस ने प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में चलाए गए अभियान के लिए बनाई टास्क फोर्स के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सत्यबीर कटाना ने बताया कि भले ग्रेप-3/4 खत्म कर दिया गया है, मगर यातायात पुलिस का प्रदूषण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ग्रेन-3/4 में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लिए खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही थी वह आगे भी जारी रहेगी।

ट्रैफिक पुलिस ने ये कदम उठाए हैं-

  • दिल्ली की बॉर्डरों से पहले ही पड़ोसी राज्यों के जिलों में जाकर ट्रक जैसे भारी वाहनों को रोकने के लिए यहां की पुलिस के साथ टास्क फोर्स बनाई गई
  • ट्रैफिक पुलिस ने नियमित के अलावा दिल्ली के बाॅर्डरों पर अतिरिक्त टीमें तैनात कीं
  • ट्रैफिक पुलिस के साथ पीसीआर की जवानों से लैस 88 प्रखर वैन लगाईं
  • स्थानीय पुलिस को भी चालान करने का अधिकार व चालान मशीन दी गई
  • ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दिल्ली के बॉर्डरों पर पूरी रात तैनात रहते हैं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed