{"_id":"586fc1ef4f1c1b945d15a70a","slug":"delayed-treatment-was-negligent-salman-s-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में देरी और लापरवाही से गई ‘सलमान’ की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाज में देरी और लापरवाही से गई ‘सलमान’ की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
file photo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन की लापरवाही की वजह से में बृहस्पतिवार को सलमान (जगुआर) की मौत हो गई। चिड़ियाघर में जगुआर की संख्या बढ़ाने के लिए सलमान को पिछले वर्ष तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर से दिल्ली लाया गया था। करीब 10 दिन पहले प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुल्लक गिब्बन प्रजाति के एक बंदर की मौत का मामला भी सामने आया था।
विज्ञापन
चिड़ियाघर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सलमान की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी और वह खाना भी नहीं खा रहा था। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से उसे पशु चिकित्सालय में भर्ती कराने में देरी की गई। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार को जब सलमान की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तब चिड़ियाघर स्थित पशु चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
जब तक चिकित्सक कुछ समझ पाते और इलाज शुरू करते उसके पहले सलमान की जान चली गई। सूत्रों की मानें तो भर्ती करने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सलमान को ट्यूमर होने की बात सामने आई है। सलमान को बीते साल तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर से दिल्ली चिड़ियाघर लाया गया था। दिल्ली चिड़ियाघर में पहले से एक मादा जगुआर (कल्याणी) थी।
विज्ञापन
जगुआर की संख्या बढ़ाने के लिए तिरुवनंतपुरम से नर जगुआर को दिल्ली लाया गया था, लेकिन जिस मकसद से सलमान को लाया गया था वह पूरा नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो मोटापे की वजह से वह मेटिंग नहीं करना चाहता था। मोटापे की वजह से ही सलमान आलसी हो गया था, इसलिए उसे वापस भेजने की तैयारी भी चल रही थी।
बताया जा रहा है कि मोटापा घटाने के लिए पिछले कुछ दिनों से सलमान को खाना भी कम दिया जा रहा था। इस संबंध में जानकारी के लिए चिड़ियाघर के निदेशक अमिताभ अग्निहोत्री को फोन किया गया और मैसेज भी किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
पिछले दिनों चिड़ियाघर में ड्रग्स कंट्रोलर विभाग की ओर से छापेमारी की गई थी जिसमें एक्सापयर दवा की इस्तेमाल की बात सामने आई थी। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने भी जांच में दिल्ली चिड़ियाघर को कटघरे में खड़ा कर चुकी है।