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Delhi: डीडीए ने झुग्गी पुनर्वास के लिए नई नीति को दी मंजूरी, झुग्गीवासियों को सम्मानजनक आवास का मिलेगा अधिकार
Fri, 29 Nov 2024 04:40 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 29 Nov 2024 04:40 AM IST
सार
उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में डीडीए बोर्ड की बैठक में जहां झुग्गी, वहीं मकान योजना के तहत, इन-सीटू पुनर्वास नीति को अधिक व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए।
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वीके सक्सेना
- फोटो : एएनआई
विस्तार
डीडीए ने झुग्गी पुनर्वास नीति में व्यापक बदलावों को मंजूरी दी। इन सुधारों से झुग्गीवासियों को सम्मानजनक आवास का अधिकार मिलेगा और शहर में किफायती आवास और वाणिज्यिक स्थानों का विकास होगा।
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में डीडीए बोर्ड की बैठक में जहां झुग्गी, वहीं मकान योजना के तहत, इन-सीटू पुनर्वास नीति को अधिक व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए। इनमें घनत्व में छूट, भूमि उपयोग का पुनः निर्धारण, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में वृद्धि और पांच किमी के दायरे में क्लस्टर पुनर्विकास की अनुमति जैसे प्रावधान शामिल हैं। डीडीए ने 2000 वर्गमीटर या उससे बड़े प्लॉट्स पर पुनर्वास परियोजनाओं के लिए एफएआर को बढ़ाकर 500 कर दिया गया है। उसने वाणिज्यिक उपयोग के लिए एफएआर 300 से 500 और पुनर्वास घटक के लिए 400 से 500 किया है।
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वहीं भूमि उपयोग का पुनर्वितरण के तहत कुल भूमि का कम से कम 40 प्रतिशत आवासीय उपयोग के लिए आरक्षित रहेगा। इसके तहत पुनर्वास घटक में अप्रयुक्त एफएआर को वाणिज्यिक उपयोग के लिए डेवलपर्स को स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाएगी। जबकि क्लस्टर क्लबिंग में पांच किमी के दायरे में प्लॉट्स को क्लब करने की अनुमति दी गई है। इससे एक साइट पर मल्टी-स्टोरी पुनर्वास परियोजनाएं बनेंगी और दूसरी साइट पर वाणिज्यिक या आवासीय विकास होगा। यह नीति झुग्गीवासियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ घर उपलब्ध कराएगी और उन्हें मालिकाना हक देकर सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगी।
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अन्य निर्णय
- शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भूमि की आरक्षित कीमतों में कमी।
- गाजीपुर में बायो-मीथेनाइजेशन प्लांट के लिए भूमि उपयोग में बदलाव।
- नरेला क्षेत्र में शिक्षा, खेल, अस्पताल और होटल हब के विकास को भूमि उपयोग में परिवर्तन।
- सस्ता घर योजना 2024 में शिवाजी मार्ग और नरेला के 1820 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की पेशकश।