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सफदरजंग अस्पताल से मरीजों का डाटा लीक, निजी अस्पताल से रोगियों को आए फोन
Wed, 18 Sep 2019 02:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Sep 2019 02:44 AM IST
सार
- मामला सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर (एसआईसी) का है
- यहां खेल जगत की छोटी-बड़ी हस्तियों के अलावा अन्य मरीज भी उपचार कराने पहुंचते हैं
- संदेह है कि यहां से मरीजों का डाटा चोरी करके दिल्ली के ही किसी निजी अस्पताल को भेजा जा रहा है
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सफदरजंग अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पहली बार किसी सरकारी अस्पताल से मरीजों का डाटा चोरी होने का खुलासा हुआ है। मामला सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर (एसआईसी) का है। यहां खेल जगत की छोटी-बड़ी हस्तियों के अलावा अन्य मरीज भी उपचार कराने पहुंचते हैं।
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संदेह है कि यहां से मरीजों का डाटा चोरी करके दिल्ली के ही किसी निजी अस्पताल को भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि एसआईसी में पंजीकृत मरीजों को एक निजी अस्पताल से फोन जा रहा है और अपने यहां इलाज कराने की सलाह दी जा रही है। इनमें से कितने मरीज निजी अस्पताल पहुंचे, इसकी कोई जानकारी सफदरजंग अस्पताल के पास नहीं है।
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अस्पताल प्रबंधन ने खुद डाटा चोरी होने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी है। पंजीकृत मरीजों के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की सूचना के बाद आनन फानन में मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस केस को लेकर दिल्ली पुलिस को शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।
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सभी कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि व्यक्तिगत कंप्यूटर या फिर सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिटों में उपलब्ध सूचना अथवा किसी भी प्रकार के डाटा के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हालांकि पूछने पर एसआईसी के निदेशक डॉ. आरके आर्या ने घटना से इनकार कर दिया। अस्पताल से लेकर मंत्रालय तक के दस्तावेज में यह पूरा मामला है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ निदेशक ने बताया कि कुछ समय पहले सफदरजंग अस्पताल के एसआईसी से मरीजों का डाटा चोरी होने की शिकायत मिली थी। इस पर तत्काल जांच समिति गठित की गई। समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि मरीजों का डाटा सफदरजंग से निजी अस्पताल तक पहुंचने को साबित करना जरूरी है। यह भी सत्यापित करना जरूरी है कि जिन मरीजों से निजी अस्पताल की ओर से संपर्क किया गया था, वे एसआईसी के थे। इसीलिए समिति ने इस मामले में अस्पताल को जल्द से जल्द और साक्ष्य देने के लिए आदेश दिया है।
राज्यसभा में भी उठा था डाटा चोरी का मामला
एसआईसी से मरीजों की जानकारी चोरी होने का मुद्दा राज्यसभा में भी उठा था। राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर ने इस पूरे मामले की जानकारी भी मांगी थी। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया कि मरीजों की जानकारी चोरी होने और एक निजी अस्पताल में भेजे जाने की शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच के आदेश दिए गए थे। इस दौरान मंत्रालय ने एसआईसी का हवाला देते हुए बताया कि मामले की जांच कराने के लिए दिल्ली पुलिस से अपील की गई है।
अस्पताल ने अब तक नहीं दी शिकायत : दिल्ली पुलिस
सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस के अनुसार, मरीजों का डाटा चोरी होने के मामले में उन्हें अब तक अस्पताल की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। भविष्य में कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।