दादरी : महापंचायत के प्रस्ताव पर बिसाहड़ा में तनाव बढ़ा, प्रशासन ने लगाई धारा 144
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दादरी के बिसाहड़ा गांव में अखलाक की हत्या का आरोपी पक्ष और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। आरोपी पक्ष और उसके समर्थकों ने सोमवार को बिसाहड़ा में पंचायत करने की घोषणा की है।
हालांकि एसडीएम दादरी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बिसाहड़ा गांव में सोमवार को किसी भी पंचायत की अनुमति नहीं दी गई है।
गांव वालों ने मंदिर पर बैठक करने की सूचना दी थी। गौतमबुद्धनगर के डीएम एनपी सिंह ने ऐहतियात बरतते हुए इलाके में धारा 144 लगा दी है। इसके तहत जिले में कहीं भी 5 लोग से ज्यादा इकट्ठा नहीं हो सकते। यही नहीं महापंचायत की संभावना को देखते हुए दादरी में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई है।
गाय की हत्या हुई तो बाकी घरों में भी बंटा होगा मीट : बालियान
गौरतलब है कि आरएसएस के स्पेशल ट्रेनिंग कैंप में हाजिरी देने मुरादाबाद पहुंचे केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने रविवार को जोर देकर कहा कि इखलाक के परिवार के खिलाफ गोहत्या की रिपोर्ट दर्ज होगी और सूबे के सीएम इसे रोक नहीं सकते।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तुष्टिकरण में अंधे होकर अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रिपोर्ट में अड़ंगा डालेंगे तो कोर्ट के दरवाजे खुले हैं।
मुरादाबाद में मझोला थाना क्षेत्र में मंगूपुरा स्थित कृष्णा बाल विद्या मंदिर में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओटीसी में हिस्सा लेने के बाद केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि लैब रिपोर्ट से साफ हो गया है कि इखलाक के घर से मिला मीट गाय का था।
बोले, ये रिपोर्ट केंद्र सरकार की नहीं है बल्कि उत्तर प्रदेश की ही लैब की है। लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तुष्टिकरण की वजह से अपनी ही लैब की रिपोर्ट को झुठला रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इखलाक के घर से चार किलो गोमांस मिला यानी गाय की हत्या हुई थी और ये मीट बाकी घरों में भी बंटा होगा। लिहाजा इखलाक के परिवार समेत बाकी लोगों पर भी गोहत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चाहने से कुछ नहीं होगा, वह कानून से ऊपर नहीं हैं। अदालत अपना काम करेगी और इखलाक के परिवार पर गोहत्या की रिपोर्ट दर्ज होकर रहेगी, क्योंकि लैब की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
आज होने को थी महापंचायत
बता दें कि आज इकलाख के परिजनों पर गोहत्या का मुकदमा दर्ज न होने पर बिसाहड़ा और आसपास के ग्रामीण आज मंदिर परिसर में पंचायत करने वाले थे, जिसमें साठा चौरासी की प्रस्तावित महापंचायत की रणनीति तैयार की जाती।
रविवार को प्रताप सेना के पदाधिकारी बिसाहड़ा पहुंचे और गांव के मेन रोड पर घटना स्थल के पास बैठक की। पदाधिकारियों ने कहा कि मथुरा की लैब से गोमांस की पुष्टि हो गई है। रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर जारचा कोतवाली में दी गई, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
पुलिस ग्रामीणों को गुमराह कर रही है इसीलिए सोमवार को गांव के मंदिर पर पंचायत बुलाई गई है। संजय राणा ने बताया कि पंचायत में गांव के अलावा आसपास के लोग भी हिस्सा लेने वाले थे।
उधर, जेल में बंद गांव के युवकों की सोमवार को कोर्ट में सुनवाई की तारीख भी है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो महापंचायत के अलावा न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। वहीं, बिसाहड़ा में लंबे समय से तैनात पीएसी के जवानों को मथुरा भेज दिया गया था, उन्हें फिर से बुला लिया है।