फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Yogesh disappeared four days suddenly came home, seeing the body of the mother-sister

चार दिन से गायब योगेश अचानक पहुंचा घर, मां-बहन का शव देखकर हुआ बेहोश 

Thu, 21 Jul 2016 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 21 Jul 2016 10:25 AM IST
विज्ञापन
Yogesh disappeared four days suddenly came home, seeing the body of the mother-sister
मां-बेटी ने की थी आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला

बालकिशन बंसल की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को योगेश से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। उसकी मौजूदगी में पूरे घर की तलाशी ली गई थी। रविवार को सीबीआई की टीम के जाने के बाद योगेश अचानक गायब हो गया था। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। 

विज्ञापन


बालकिशन के भाई पवन बंसल ने बताया कि मां-बेटी को डर था कि सीबीआई ने योगेश को भी घूस मामले में फंसा लिया है। उन्हें यह भी लग रहा था कि योगेश सीबीआई की कस्टडी में है। 
विज्ञापन


लेकिन मां और बहन की मौत की सूचना मिलने के बाद योगेश बुधवार दोपहर 1.30 बजे अचानक अपने घर पहुंच गया। वह कहां था और किस के पास था इसका पता नहीं चल सका है। कुछ रिश्तेदारों का कहना था कि सीबीआई के डर से योगेश अंडरग्राउंड हो गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बेटी का रिश्ता नहीं होने का भी सता रहा था डर

Yogesh disappeared four days suddenly came home, seeing the body of the mother-sister
मां-बेटी ने दी जान - फोटो : अमर उजाला

सत्यबाला अपनी बेटी के रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थी। इसके लिए उसने पति बालकिशन पर दबाव भी बनाया था। बालकिशन के भाई पवन ने बताया कि करीब दो माह से बेटी व बेटे के रिश्ते के लिए बालकिशन हिसार के चक्कर लगा रहे थे। 

लेकिन अचानक सीबीआई द्वारा बालकिशन की गिरफ्तारी ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया था। अब सत्यबाला को चिंता सता रही थी कि बदनामी की वजह से उनके बच्चों के रिश्ते नहीं होंगे। 

चाचा की गिरफ्तारी के बाद विनोद दिल्ली उसके परिवार से मिलने आया था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वह नीलकंठ सोसायटी से हिसार पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसे नेहा व चाची सत्यबाला के सुइसाइड करने का पता चला। 

बेटी व पत्नी के शव से लिपटकर रोये बंसल

Yogesh disappeared four days suddenly came home, seeing the body of the mother-sister
रोते रहे बंसल - फोटो : विवेक निगम

डीजी (डायरेक्टर जनरल) कॉरपोरेट अफेयर बीके बंसल की पत्नी सत्यबाला और बेटी नेहा के शवों को बुधवार दोपहर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया गया। 

बेटे योगेश और बीके बंसल के मौजूद नहीं होने के कारण बंसल के भतीजे विनोद बंसल ने पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी की। इधर, दोपहर के समय बीके बंसल का बेटा योगेश अचानक घर लौट आया। 

वहीं बीके बंसल भी जमानत मिलने के बाद नीलकंठ सोसायटी स्थित अपने फ्लैट पर पहुंचे और बेटी और पत्नी के शवों से लिपटकर फफक पड़े। रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। दोपहर बाद गाजीपुर स्थित शमशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बालकिशन (बीके) बंसल के बड़े भाई पवन बंसल ने बताया कि उनका मूल निवास गांधी चौक, हिसार, हरियाणा है। परिवार का कि रयाने का कारोबार था। काफी समय पूर्व बीके बंसल परिवार के साथ दिल्ली आ गए थे।

गाजीपुर स्थित श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार

Yogesh disappeared four days suddenly came home, seeing the body of the mother-sister
बसल परिवार से उठी दो लाशें - फोटो : विवेक निगम

बंसल का हिसार में कम ही आना जाना था। पिछले दो माह से वह दोनों बच्चों के रिश्ते के लिए हिसार आ जा रहे थे। पवन ने बताया कि बालकिशन की व्यस्तता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह अपने परिवार तक को समय नहीं दे पाते थे। 

सीबीआई द्वारा अचानक हुई गिरफ्तारी ने बालकिशन के पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। इधर, योगेश व बालकिशन बंसल के नहीं होने की वजह से भाई पवन बंसल के बड़े बेटे विनोद ने अपनी चाची व नेहा के शवों का पोस्टमार्टम कराया। 

दोपहर 1.00 बजे कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को सोसायटी की पार्किंग में लाया गया। सोसायटी में दोनों शवों को देेखते ही योगेश बेहोश हो गया। रिश्तेदारों ने उसे किसी तरह संभाला। 

इसके बाद दोपहर ढाई बजे बीके बंसल अपने घर पहुंचे और दोनों शवों से लिपटकर फफक पड़े। शाम करीब 4.00 बजे परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए गाजीपुर स्थित श्मशान घाट ले गए। बाद में दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed