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CBI अफसर बताकर व्यवसायियों को लूटने वाले गिरफ्तार

Thu, 26 Jun 2014 03:46 PM IST
Updated Thu, 26 Jun 2014 03:46 PM IST
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Three thugs arrested for fraudulent

पुलिस की अपराध शाखा ने व्यवसायियों से ठगी के आरोप में तीन लोगों को

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करोलबाग मेट्रो स्टेशन के पास मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।

इनकी पहचान आशियाना अपार्टमेंट, इंदिरापुरम निवासी रमेश कुमार उर्फ मेसी (61,) डीएलएफ दिलशाद गार्डन, साहिबाबाद निवासी किशन लाल (64) और नारायणा (दिल्ली) निवासी राजेंद्र कुमार उर्फ राजू (45) के रूप में हुई है।

आरोपी खुद को सीबीआई का अफसर बताकर दिल्ली की व्यस्त मार्केट में पड़ोसी राज्यों से आने वाले व्यवसायियों को अपना शिकार बनाते थे। इनके पास से खाली लिफाफे, नोटों के आकार में कटे कागज के टुकड़े व वारदातों में प्रयुक्त ऑटो बरामद किया गया।

असली नोट की जगह थमा द‌िए कागज के टुकड़े

Three thugs arrested for fraudulent

अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक चांद ने बताया कि गोल्डन एवेन्यू कॉलोनी, दीना नगर, गुरदासपुर (पंजाब) निवासी विनोद कुमार का सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट का काम है। 23 मई को वह दिल्ली के चांदनी चौक में खरीदारी के लिए आए थे। इस बीच उन्हें एक शख्स मिला।

उसने खुद को जालंधर का बताते हुए कुछ सामान खरीदकर पंजाब ले जाने की बात की। बातचीत के दौरान दोनों घुल-मिल गए। इस बीच एक अन्य शख्स दोनों के पास आया। उसने खुद को सीबीआई का डिप्टी एसपी बताकर दोनों को एक ऑटो में बैठा लिया और चालक से नजदीक के पुलिस थाने में चलने को कहा।

इससे विनोद बुरी तरह डर गए। पूछने पर सीबीआई अफसर बताने वाले शख्स ने विनोद को बताया कि उसके पास नकली नोट हैं। उसने विनोद से नोट दिखाने के लिए कहा। विनोद ने ढाई लाख रुपये (एक हजार के नोट की तीन गड्डियां) उसे थमा दिए। छानबीन के बाद आरोपी ने एक लिफाफे में नोट डालकर विनोद को वापस कर दिए।

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20 सालों से कर रहे थे ठगी

Three thugs arrested for fraudulent

जब खुद को सीबीआई अफसर बताने वाला उक्त शख्स, ऑटो चालक और खुद को जालंधर वाला व्यक्ति बताने वाले लोग चले गए तब विनोद ने लिफाफा चेक किया तो उसके पैरों तले की जमीन ख‌िसक गई। व‌िनोद को उस ल‌िफाफे में रद्दी के टुकड़े म‌िले।

उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत की। इसी तरह 15 जून को गोल पांडव, शांति नगर, आजमगढ़ (यूपी) निवासी दुर्गेश और सोनू को भी बदमाशों ने इसी तरह चूना लगाया। दोनों करोलबाग में ऑटो मोबाइल पार्ट्स खरीदने के लिए आए थे। दोनों की शिकायत पर करोलबाग में मामला दर्ज किया गया था।

अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की। एसीपी होशियार सिंह व इंस्पेक्टर विनय त्यागी की टीम ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस की मानें तो तीनों बेहद शातिर ठग हैं। ये 20 सालों से ठगी कर रहे थे।

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तीनों ऑटो से करते थे ठगी

Three thugs arrested for fraudulent

खुद को सीबीआई अफसर बताकर ठगी करने वाले आरोपी किशन लाल के खिलाफ ठगी के 34 मामले, रमेश के खिलाफ 30 और राजेंद्र के खिलाफ 17 मामले दर्ज हैं।

पूछताछ में पता चला कि कई भाषाओं का जानकार किशनलाल व्यवसायियों से दोस्ती बढ़ाता था और इशारा कर रमेश को बुला लेता था।

रमेश खुद को सीबीआई अफसर बताता था, जबकि तीसरा साथी राजेंद्र ऑटो लेकर खड़ा रहता था। तीनों व्यवसायी को ऑटो में लेकर आते थे और वारदात को अंजाम देने के बाद ऑटो से फरार हो जाते थे।

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