कैब चालक की हत्या को हर एंगल से जांच रही पुलिस, सीसीटीवी से नहीं मिला सुराग
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शहर के सबसे पॉश इलाके में से एक है सेक्टर-14 ए जहां रोडरेज में उबर कैब चालक की हत्या कर दी गई। घटनास्थल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर एसएसपी ऑफिस है। आस-पास अथॉरिटी के बड़े अधिकारी और शहर के कई नामचीन लोग रहते हैं।
डीएनडी फ्लाईओवर से घटनास्थल बिल्कुल सटा है। यहां की हालत यह है कि एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा।ऐसे में पुलिस को जांच में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीसीटीवी कैमरे न लगे होने की वजह से पुलिस के हाथ कोई भी ऐसा सुराग नहीं लग पाया जिससे गौरव की कैब में टक्कर मारने वाले कैब और बाइक सवार तीनों युवकों की पहचान की जा सके।
सेक्टर-20 के एसएचओ अमरनाथ यादव का कहना है कि उम्मीद था कि वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे, जिससे कोई सुराग मिल जाए, मगर जांच के दौरान पता चला कि वहां कैमरे नहीं लगे हुए हैं।
रोड़रेज के सभी पक्ष जानना चाह रही पुलिस
पुलिस का दावा है कि गौरव चौहान का दो लड़कियों के साथ संबंध था। इनमें एक लड़की शादीशुदा है। लड़की की शादी बिहार में हुई लेकिन वह पति को छोड़कर यहां रह रही थी। यही वजह है कि उबर कैब चालक गौरव चौहान की हत्या की जांच पुलिस रोडरेज के अलावा अन्य एंगल से भी कर रही है।
पुलिस को जांच में पता चला है कि पिछले दो साल से गौरव का रीना (परिवर्तित नाम) के साथ संबंध था। जिसका एक बेटा भी है। गौरव ने रीना को सेक्टर- 21 में रहने वाले कर्नल (रिटा.) एससी अरोड़ा के घर पर पत्नी बनाकर रखवा दिया।
तीन दिन पहले कर्नल को शहर से बाहर जाना था। इस कारण शुक्रवार को रीना को गौरव बुलंदशहर ले जाकर अपने गांव में छोड़ आया था। इस बात की जानकारी होने के बाद पुलिस ने रीना को पूछताछ के लिए नोएडा बुलाया है।