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'पुलिस ने इकलाख के फ्रिज से लिया था मांस, जान बूझकर दबाए बैठे रहे फोरेंसिक रिपोर्ट'

Thu, 02 Jun 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 02 Jun 2016 01:14 AM IST
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"The police had meat from the fridge of iklakh'
दादरी - फोटो : अमर उजाला

बिसाहड़ा मामले में ग्रामीण पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने इकलाख के घर के फ्रिज में रखे मांस को बरामद कर जांच के लिए भेजा था। 

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जांच रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस-प्रशासन इसे दबाए बैठे रहे। न्यायालय के दखल देने के बाद ही रिपोर्ट को उजागर किया गया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ग्रामीणों ने तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस ने तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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अभियुक्त विशाल के पिता संजय राणा का कहना है कि पुलिस के एक आला अफसर ने अपने बयान में मांस बरामदगी के स्थान पर संदेह जाहिर किया है जबकि पुलिस ने खुद ही चार्जशीट में मांस की बरामदगी इकलाख के घर से दिखाई है। अगर उन्हें पुलिस की जांच पर ही भरोसा नहीं है तो मामले की जांच सीबीआई से करा लें। मैंने जांच को सीबीआई से कराने के लिए पहले ही हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। 

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'सरकार के दबाव से बाहर नहीं आ रही थी रिपोर्ट'

"The police had meat from the fridge of iklakh'
दादरी रेलवे स्टेशन
हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। 12 जून को सुनवाई भी है। बीफ की रिपोर्ट करीब दो सप्ताह पहले आ गई थी। जो सरकार के दबाव में बाहर नहीं निकल रही थी। अब वह मिल गई है।

पुलिस ने घटना के दौरान इकलाख के घर के फ्रिज से मांस बरामद किया था। इस संबंध में गो हत्या को लेकर पहले जारचा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जाएगी। 

अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो एसएसपी को शिकायत की जाएगी। पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर न्यायालय से गुहार की जाएगी। अब ग्रामीण गोहत्या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे।

इकलाख के घर पर लगा ताला घटना के बाद से इकलाख के परिवार ने गांव छोड़ दिया था। परिवार दिल्ली में रह रहा है। गांव में इकलाख के घर पर ताला लगा है। भाई का मकान भी बंद है। 

मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में लोगों को नहीं है कोई शिकायत

"The police had meat from the fridge of iklakh'
बिसाहड़ा कांड - फोटो : फाइल फोटो

इकलाख जिस मकान में रहता था। गांव के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में महिलाएं अपने मकानों के बाहर बैठी महिलाओं ने बताया कि उनसे पहले और अब तक किसी ने कुछ नहीं कहा है। गांव के लोग भाईचारे से उनके साथ रह रहे हैं। उन्हें किसी से शिकायत नहीं है। 

शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
बिसाहड़ा गांव का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए रोजमर्रा की तरह ही ग्रामीण कार्य में लगे हैं। वहीं, गांव के प्रमुख लोग ग्रामीणों के बीच जाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। 

खासकर युवाओं को समझाकर संयम बरतने को कहा जा रहा है। जेल में बंद युवाओं के परिजनों को भी समझा बुझाकर शांत रखने की कोशिश की जा रही है। सामान्य दिनों की तरह दुकानें खुल रही हैं।

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