सकते में हैं गिरफ्तार सचिन के पड़ोसी, मां करती है घरों में काम और पिता हैं चपरासी
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नक्सलियों के साथ ग्रेनो के बिलासपुर निवासी सचिन की गिरफ्तारी को लेकर परिवार और मोहल्ले के लोग सकते में आ गए हैं। वे हैरत में है कि आखिर सचिन नक्सलियों के संपर्क में कैसे आ गया।
सचिन की ननिहाल बिलासपुर में ही है और उनका परिवार करीब 30 साल यहीं रहता है। उसके पिता डालचंद मेरठ के एक निजी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं और मां रज्जो घरों में काम करती है।
सचिन की शादी करीब 9 साल पहले पलवल (हरियाणा) की युवती से हुआ था। सचिन की गिरफ्तारी से पहले परिजन व कस्बेवासी उसकी हकीकत से अंजान थे।
लोगों का कहना है कि उसने पहले नौकरी की, फिर प्रॉपर्टी डीलिंग और अब अमीर बनने की चाह में अपराध की राह पकड़ ली। बताया गया कि डालचंद के बड़े बेटे रूपेश की करीब 10 साल पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
परिजन सचिन के अपराध की राह पकड़े जाने से थे बेखबर
परिवार की स्थिति ठीक न होने पर सचिन की मां रज्जो कस्बे के घरों में काम करती है। उसका छोटा भाई संजू बिलासपुर कस्बे में ही एक दुकान पर काम करता है।
सचिन की मां रज्जो ने बताया कि उनका बेटा बेकसूर है और वह कैसे फंस गया, इस बारे में उसे कुछ नहीं पता। परिजनों के मुताबिक घर की अर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण सचिन ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और ग्रेटर नोएडा की कंपनी में कई वर्षों तक नौकरी की।
करीब दो साल पहले नौकरी छोड़कर भंगेल में अपने कुछ दोस्तों के साथ उसने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। घर में भी उसने पत्नी को प्रॉपर्टी का काम करने के बारे में ही बताया था।
लोगों का कहना है कि प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने के बाद से उसने रहन-सहन में काफी बदलाव आया था। वह जब भी घर आता था तो कार लेकर आता था। हालांकि सचिन का घर ऐसा नहीं है, जिसे देखकर लगे कि वह किसी प्रॉपर्टी डीलर का है। आज भी मकान की दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं हुआ है।