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पिता ने ही फेंकी थी रेलवे ट्रैक पर बच्ची
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 26 Aug 2014 07:41 AM IST
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वैगन केयर सेंटर के पास रेलवे ट्रैक पर 22 अगस्त को मिली नवजात बच्ची को उसके पिता ने ही फेंका था। जीआरपी ने बच्ची के पिता हरेंद्र को रविवार की रात यशोदा अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया।
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अगले दिन उसका मेडिकल कराकर जेल भेज दिया गया है। जीआरपी के मुताबिक हरेंद्र ने लोकलाज के डर से बच्ची को ट्रैक पर छोड़ा था, ताकि कोई राहगीर बच्ची को अपने साथ ले जाए।
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जीआरपी इंस्पेक्टर विनोद सिरोही ने बताया कि यह घटना बीती 21 अगस्त की है। सेना से नायक के पद से रिटायर्ड हरेंद्र (50) बुलंदशहर के गांव बैना बुढ़ाना का है। हरेंद्र की शादी 1988 में सुषमा देवी से हुई थी।
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2001 में उसने अपनी पत्नी का नसबंदी ऑपरेशन करवा दिया। हरेंद्र के चार बच्चे, दो लड़के व दो लड़कियां हैं। नसबंदी ऑपरेशन के बावजूद बीती 21 अगस्त को यशोदा अस्पताल में हरेंद्र की पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया।
अगले दिन राहगीराें की सूचना पर जीआरपी ने जब बच्ची को बरामद किया तो वह मर चुकी थी। जीआरपी ने छानबीन की तो पता चला कि बच्ची का जन्म यशोदा अस्पताल में हुआ है।
बीती रविवार की रात को पुलिस जब अस्पताल पहुंची तब हरेंद्र घर जाने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने अस्पताल कर्मियों की मदद से उसे दबोच लिया।
हरेंद्र के अनुसार नवंबर में उसकी एक बेटी की शादी होनी है। बेटी की शादी से तीन माह पूर्व एक और बेटी हो जाने से उसे लोकलाज का भय सताने लगा।