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फाइनेंसर की हत्या के मामले में राज्य स्तर का वेटलिफ्टर गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:36 PM IST
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फाइल फोटो
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रुपये के लेनदेन में फाइनेंसर की हत्या करने के मामले में राज्य स्तर के वेटलिफ्टर को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस को आरोपी की साढ़े तीन साल से तलाश थी। आरोपी दिल्ली प्रदेश की ओर से 62 किलोग्राम में दूसरे स्थान पर रह चुका है। आरोपी की पहचान प्रवीण कुमार लांबा (40) के रूप में की गई है।
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क्राइम ब्रांच के उपायुक्त डॉक्टर अजीत कुमार सिंघला ने बताया कि प्रवीण कुमार लांबा राज्य स्तर का वेटलिफ्टर रह चुका है। वर्ष 2001 में दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में वह 62 किलोग्राम श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा था। 3 जुलाई को क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि प्रवीण औचंदी बार्डर पर आने वाला है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर का वेटलिफ्टर बनना चाहता था। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते वह आगे नहीं बढ पाया। उसने एक फाइनेंसर संजीव गोरा के साथ फाइनेंस का काम शुरू किया।
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साथ ही वेटलिफ्टिंग भी करता था। संजीव और विजय डबास गुड़गांव में पाटर्नरशिप में पब/क्लब चलाते थे। इसी दौरान दोनों के बीच लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। विजय डबास ने संजीव को रुपये देने के लिए धमकाया।
इस बात से नाराज संजीव ने विजय की हत्या की साजिश रची। संजीव ने अपने सहयोगी दीपक, प्रवीण और सुरेंद्र के साथ मिलकर 17 जनवरी 2015 को विजय की रोहिणी सेक्टर 11 स्थित कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी।
प्रशांत विहार थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर संजीव, सुरेंद्र और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। जबकि प्रवीण पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। पुलिस ने बताया कि प्रवीण दिल्ली के हारेवली गांव का रहने वाला है। वह 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद वेटलिफ्टर बनने की तैयारी करने लगा। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते बाद में ट्रक चलाने लगा।