हॉस्टल में कैमरा: वीडियो पोर्न साइट पर जाने का शक
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नोएडा के हॉस्टल की छात्राएं बाथरूम में छिपाकर कैमरा लगाए जाने के खुलासे के बाद सहमी हुई हैं। उन्हें आशंका है कि ये काम पिछले काफी समय से चल रहा होगा। साथ ही हिडन कैमरे की चिप को भी समय-समय पर बदला जाता रहा है।
छात्राओं ने बताया कि कैमरे में लगा मेमोरी कार्ड करीब चार जीबी का था। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा दो दिन तक की रिकार्डिंग की जा सकती है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि चिप को बार-बार बदल दिया जाता होगा।
लोगों को धोखे में रख कर बनाई जाने वाली अश्लील फिल्म महंगे दामों पर बिकती हैं। इनकी सबसे बड़ी खरीदार पोर्न साइटें हैं। इनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए भी किया जाता है।
उधर, जैसे ही कॉलेज की छात्राओं के अभिभावकों को घटना की जानकारी मिली तो परिजनों ने अपने बच्चों से फोन पर बात की, जो नजदीक थे वह बच्चों से मिलने पहुंचे। घटना से छात्राओं के अभिभावक भी डरे हुए हैं।
पिछले कुछ सालों में देश में पोर्न साइटों का बड़ा बाजार तैयार हो गया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि गूगल पर सर्च करने पर 85 लाख पोर्न वीडियो हिंदी में उपलब्ध हैं। देश में बढ़ते पोर्न बाजार ने ही इस काले धंधे को जन्म दिया है।
ब्लैकमेलिंग में भी होता है इनका इस्तेमाल
ऐसी ही घटनाओं का नतीजा है कि होटल, मॉल के ट्रायल रूम से लेकर गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम तक में हिडन कैमरा लगाया जाता है। ताकि लोगों की अश्लील क्लिपिंग बना कर मार्केट में बेची जा सके। जानकारी के मुताबिक दस हजार से लेकर दस लाख तक में क्लिपिंग खरीदी जा रही हैं।
पहले कर लें जांच
स्पाई कैमरों के माध्यम से अश्लील क्लिप बनाए जाने के हो रहे गोरखधंधे में आप न फंस जाएं इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है। होटल, मॉल, हॉस्टल सहित अन्य स्थानों पर वॉशरूम और कमरे के इस्तेमाल से पहले ठीक से स्थान की जांच कर लें। चौकन्ना रहने पर ही ऐसे खतरों से बचा जा सकता है।
जिला अभिभावक संघ महासचिव अनुप खन्ना के मुताबिक अभिभावकों के लिए यह सन्न कर देने वाली घटना है। कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह दोषी है। प्रशासन सभी स्कूल-कॉलेजों की जांच कराए।
छात्राओं के भविष्य को देखते हुए कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इसमें प्रत्येक कॉलेज से मांग की जाएगी कि जहां पर भी छात्राएं रहती हैं, वहां पर किसी भी सूरत में पुरुष का प्रवेश नहीं होना चाहिए। इसके लिए हॉस्टल के बाहर सीसीटीवी कैमरे और सख्त पहरे की मांग की जाएगी।