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पीएफ क्लेम के नाम पर करोड़ो की हेराफेरी, एमएनसी का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार

Sat, 26 May 2018 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 26 May 2018 10:35 AM IST
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scam of Crores in the name of PF claim, MNC's deputy manager  arrested
ईपीएफ - फोटो : demo pics

द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने पीएफ क्लेम में फर्जीवाड़ा कर पैसे हड़पने के आरोप में एक मल्टीनेशनल कंपनी के पूर्व डिप्टी एचआर मैनेजर को नोएडा से गिरफ्तार किया है। उस पर करीब ढाई करोड़ रुपये गबन करने का आरोप है। आरोपी अजय कुमार उर्फ अजय चौहान ने अपनी पत्नी व एक रिश्तेदार के साथ पार्टनरशिप में एक कंपनी बनाई थी। वह कर्मचारियों के पीएफ क्लेम की रकम को उसी कंपनी के अकाउंट में डाल देता था। पुलिस उसके रिश्तेदार की तलाश कर रही है। मामले में उसकी पत्नी की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

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जिला पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि मल्टीनेशनल कंपनी टेकनिप के कंपनी सेक्रेटरी प्रशांत शर्मा ने सेक्टर- 23 द्वारका थाने में मामले की शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया कि कंपनी का पूर्व कर्मचारी अजय कुमार उर्फ अजय चौहान कर्मचारियों के पीएफ क्लेम के पैसे दिलाने में फर्जीवाड़ा कर कर्मचारियों के करीब 2.53 करोड़ रुपये का गबन किया है। मामले की जांच के दौरान पता चला कि अजय वर्ष 2015 से पीएफ क्लेम की रकम को अपने खाते में डाल रहा था।
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पुलिस ने अजय की तलाश शुरू की। वह लगातार अपना घर बदल रहा था। पुलिस ने उसके फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाया। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी अपने फोन नंबर को सेक्टर 120 नोएडा की दुकान से रिचार्ज कराता है। उसके पास स्थित हाउसिंग सोसाइटी आम्रपाली जोडेक सेक्टर 120 के पास पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस ने उसके फोटो को सोसाइटी के सभी गार्ड को दिखाया। उसके बाद बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।  
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पीएफ क्लेम का तौर तरीका जानकर करने लगा फर्जीवाड़ा 

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epf
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2013 में मल्टीनेशनल कंपनी टेकनिप में एसोसिएट फेसीलेटर के पद पर भर्ती हुआ। अपनेे अधिकारियों का विश्वास प्राप्त करने के बाद वह कंपनी का डिप्टी मैनेजर एचआर बन गया। उसे पीएफ क्लेम की जिम्मेदारी दी गई। कंपनी के काफी क्लेम लंबित थे।

काम करने के दौरान उसे काम के प्रणाली का पता चला। उसके बाद उसने पत्नी और एक रिश्तेदार मनफुल के साथ पाटर्नरशिप में एक कंपनी खोली। उसके बाद क्लेम की मिलने वाली रकम में फर्जीवाड़ा कर उसे अपनी कंपनी के अकाउंट में डालने लगा।

उसने बताया कि वह वर्ष 2015 से फर्जीवाड़ा कर रहा है। इससे मिले रकम से वह बुलंदशहर में 10 बीघा जमीन खरीद चुका है। साथ ही लाखों रुपये दूसरे अकाउंट में डाल चुका है। उसने बताया कि वह मनफूल के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करता था। पुलिस मनफूल की तलाश कर रही है। साथ ही उसकी पत्नी की संलिप्तता की जांच कर रही है।  
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