फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Revealing in kidney racket case, hospital staff involved in the racket

किडनी रैकेट कांड में नया खुलासा, अस्पताल का स्टाफ भी गोरखधंधे में शामिल

Sun, 05 Jun 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 05 Jun 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
Revealing in kidney racket case, hospital staff involved in the racket
किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला
अपोलो किडनी रैकेट कांड में नया खुलासा सामने आया है। अपोलो अस्पताल का स्टाफ आदित्य सिंह और शैलेष सक्सेना भी इस गोरखधंधे में पूरी तरह शामिल थे। ये दोनों आरोपी प्राप्तकर्ता व डोनर ढूंढते थे। 
विज्ञापन


ये लोग ज्यादातर अपोलो अस्पताल में आने वाले लोगों को ही टारगेट करते हैं। पुलिस ने इन दोनों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। 
विज्ञापन


अपोलो अस्पताल के डॉक्टर एसके सरीन काफी दिनों से बाहर गए हुए हैं। पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आदित्य सिंह व शैलेष सक्सेना को इंस्पेक्टर बीएस राणा, एसआई नागेन्द्र नागर और शैलेन्द्र शर्मा की टीम ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल की भूमिका के बारे में हो सकता है खुलासा

Revealing in kidney racket case, hospital staff involved in the racket
किडनी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

दोनों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह डॉ.सरीन के पर्सनल स्टाफ हैं। जो मरीज अपोलो अस्पताल में या फिर डॉ. सरीन के पास आता था और उसे किडनी की जरूरत होती थी तो ये दोनों किडनी रैकेट के मास्टमाइंड राजकुमार का नंबर दे देते थे। 

ये पीड़ित को कहते थे कि राजकुमार उन्हें किडनी उपलब्ध करा देगा। इसके अलावा ये बदरपुर इलाके से भी किडनी डोनर ढूंढ लेते थे। इसके अलावा आरोपी किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले की फाइल आदि जल्द ही तैयार कर देते थे और अपोलो में ही फर्जी कागजात के जरिए इनकी किड़नी ट्रांसप्लांट करा दी जाती थी।

गिरोह के सदस्य इन दोनों को 50-50 हजार रुपये देते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों आरोपियों से पूछताछ में डॉक्टर और अपोलो अस्पताल की भूमिका के बारे में पता लग सकता है कि अस्पताल व डॉक्टर की रैकेट से कोई संबंध था या नहीं।  हालांकि अभी तक की जांच में किसी और अस्पताल की भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी शुरूआती जांच है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed