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दलित युवती से गैंगरेप करने वाले नहीं हुए गिरफ्तार, पीड़िता छह माह की गर्भवती
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:19 AM IST
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करीब सात माह पहले दलित लड़की के साथ किए गए गैंगरेप मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से बाल्मीकि समाज खासा नाराज है।
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बृहस्पतिवार को बाल्मिकी समाज के दर्जनों प्रमुख लोगों ने उपायुक्त व पुलिस कप्तान से मुलाकात की तथा मुयमंत्री के नाम उन्हें मांगपत्र सौंपा।
जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 17 अक्तुबर तक आरोपियों को गिरतार नहीं किया गया तो जिले के सभी सफाई कर्मचारी सफाई करना बंद कर देंगे।
करीब 7 माह पहले जब वह शाम को रोटी मांगने गई तो रास्ते में मौजूद नवलगढ के 3 व ग्वालदा गांव के एक लडके ने मिलकर जबरदस्ती कब्जा लिया और भैंसों के कमरे में ले जाकर बलात्कार किया।
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आरोप हैं कि आरोपियों ने पीडिता को धमकी दी कि यदि उसने इस मामले के बारे में किसी को बताया तो वे उसके परिजनों को जान से मार देंगे तथा उन्होंने उसकी वीडियो फिल्म बना ली हैं, जिसे वे इंटरनेट पर छोडकर उसे बदनाम कर देंगे।
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बदनामी के डर व आरोपियों की धमकी के कारण पीडिता चुप रह गई। जिसका फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसके साथ बलात्कार करते रहे।
इस दौरान पीडिता गर्भवती हो गई। घरवालों को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जांच कराई। जिसमें वह 6 माह की गर्भवती पाई गई। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
पुलिस ने पीडिता के बयान पर नवलगढ थाना पुन्हाना निवासी शाहरुख पुत्र जानू, हसीन उर्फ भब्बल पुत्र इस्लाम, जावेद पुत्र नूर मोहम्मद तथा ग्वालदा निवासी फैयाद पुत्र आसू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक एक भी आरोपी को गिरतार नहीं किया।
एससी आयोग के सदस्य ने किया था दौरा: अनूसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने 14 सितंबर को गांव का दौरा कर पीड़िता का दुख-दर्द सुना था।
जिसमें उन्होंने स्पष्टतौर पर पुलिस व प्रशासन की लापरवाही बरतने की बात कही थी। उस समय पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरतार करने की बात कही थी। लेकिन उसके एक माह बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरतार नहीं कर पाई है।