पुलिस ने पीड़ित मां-बेटी को दिखाए 200 से ज्यादा फोटो, पांच किमी. के दायरे से उठाए 18 संदिग्ध
हाइवे पर हुए मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने घटनास्थल से पांच किमी के दायरे से डेढ़ दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने पीड़ित मां-बेटियों को 200 से अधिक अपराधियों के फोटो दिखाए।
इनमें से बेटी ने दो फोटो में दरिंदों की शिनाख्त की। पकड़े गए तीन आरोपियों में से दो वहीं हैं जिनकी शिनाख्त बिटिया ने की थी। पुलिस हिरासत में आए संदिग्धों में चार लोग सलेमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस की विभिन्न टीमों ने 17-18 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही पीड़ित मां-बेटी को 200 से अधिक अपराधियों के फोटो दिखाए।
जिनकी शिनाख्त बिटिया ने की थी। डीआईजी ने बताया कि दोनों राजस्थान में स्थित डेरों में रहने वाले हैं। डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए संदिग्धों में चार सलेमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
देर शाम सस्पेंड हुए एसएसपी, एसपी सिटी और डिप्टी एसपी
कुछ घटना स्थल से आसपास के गांव के रहने वाले हैं। साथ ही वारदात के बाद से दोस्तपुर में रहने वाले कुछ संदिग्ध युवक घर से लापता हैं। उनके लापता रहने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
शनिवार रात हाईवे के किनारे बने ढाबों पर पुलिस ने पूछताछ कर संदिग्धों को हिरासत में लेकर छोड़ा। साथ ही हाइवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली-कानपुर हाईवे (एनएच-91) के किनारे मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने रविवार को तीन बदमाशों को पकड़कर मामले का खुलासा कर दिया।
डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि तीनों बावरिया गैंग के बदमाश हैं और उन्हें वैर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है।
पीड़िताओं ने उनकी शिनाख्त भी की है। देर शाम प्रमुख सचिव गृह ने एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी राममोहन व डिप्टी एसपी हिमांशु गौरव को सस्पेंड कर दिया।
मौका-ए-वारदात से मिली सोने की एक चेन और पर्स
सुबह डीजीपी ने मौके पर ही इंस्पेक्टर रामसेन सिंह, चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार, नाइट पेट्रोलिंग अफसर रूस्तम सिंह व सिपाही अनुराग को निलंबित कर दिया था।
डीजीपी के मुताबिक शावेद निवासी गांव दहपा हापुड़, जबर सिंह निवासी नोडा बुलंदशहर व रईश निवासी गांव सुतारी बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, बबलू निवासी फरीदाबाद (हरियाणा) व नरेश उर्फ ठाकुर निवासी बठिंडा (पंजाब ) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने कहा बाकी बदमाशों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मौका-ए-वारदात से सोने की एक चेन और पर्स बरामद किया गया है। डीजीपी ने बताया कि बावरिया गैंग के इन बदमाशों ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ शुक्रवार की रात गांव दोस्तपुर के पास हाईवे-91 पर कोई वस्तु फेंककर उस कार को रोका, जिसमें पीड़ित परिवार नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था।
बदमाश पीड़ित परिवार को आतंकित कर कार को कच्चे रास्ते में उतार लाए। यहां बदमाशों ने दो पुरुष और एक किशोर के हाथ-पांव बांध दिए और मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया। एक महिला की उम्र अधिक थी, इसलिए बदमाशों ने उसे सिर्फ बंधक बनाया और पीटा।