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गैंगरेप केस में चौतरफा घिरी पुलिस, सीबीआई के सामने अधिकारियों के छूट रहे पसीने

Sat, 20 Aug 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 20 Aug 2016 12:06 AM IST
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Police role in question in bulandshahr gangrape
बुलंदशहर पहुंची सीबीआई की टीम - फोटो : अमर उजाला

हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में चौतरफा फंसी पुलिस अब मुश्किलों में घिरती दिख रही है। मामला सीबीआई के पास जाने के बाद अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। 

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पीड़ित परिवार को भी न्याय की उम्मीद जगी है। वहीं, जेल गए आरोपी रईस के परिजन भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं। 29 जुलाई को गैंगरेप की घटना के बाद पुलिस ने पहले तीन और बाद तीन और आरोपियों को जेल में डाला। 
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इनमें रईस के परिजन उसे निर्दोष बताते रहे। अब मामला सीबीआई के पास जाने पर रईस के परिजन न्याय की उम्मीद जता रहे हैं। वह अब भी रईस को झूठा फंसाने के अपने आरोप अड़े हैं। 

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जानिए सीबीआई के सामने क्या है बड़ी चुनौती

Police role in question in bulandshahr gangrape
बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला

पीड़ित परिवार तो दूर आम लोग भी पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाने लगे हैं। लोग इस खुलासे को जल्दबाजी में की गई कार्रवाई बता रहे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस की जांच में पूरा सहयोग किया, लेकिन एक बार भी पुलिस के खुलासे पर संतोष जाहिर नहीं किया। 
 
सीबीआई के सामने ये सवाल बने चुनौती

1. जेल भेजे गए रहीसुद्दीन उर्फ रईस, शाबेज ओर जबर सिंह का आपसी कनेक्शन क्या है?
2. इस मामले में गिरफ्तार गैंगलीडर सलीम, साजिद और जुबेर तीनों कन्नौज के निवासी हैं। उनका बुलंदशहर में क्या संबंध है।
3. एफआईआर में शुरू से गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट की धारा नहीं लगाना।
4. डीजीपी द्वारा बताए गए तीन नामों में से केवल एक को ही गिरफ्तार करना।
5. डीजीपी, डीआईजी और नए एसएसपी के बयानों में विरोधाभास क्यों।
6. बाद में गिरफ्तार हुए तीन आरोपियों की बावरिया की उपजाति छैमार बताना, जबकि जेल रिकॉर्ड में जाति फकीर दर्ज होना।
7. जेल गए सभी छह आरोपियों का अभी तक आपराधिक रिकॉर्ड न मिलना।

सीबीआई टीम के लिए जांच का पहला आधार पुलिस के पास पहुंची पहली कॉल होगी। 29 जुलाई को वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने कई बार 100 नंबर पर कॉल की थी, लेकिन हर बार फोन इंगेज गया था। 

जांच में रडार पर पुलिस कंट्रोल रूम नंबर

Police role in question in bulandshahr gangrape
घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद पीड़ित परिवार ने नोएडा रहने वाले एक परिचित को घटना की सूचना दी थी। परिचित ने पहले नोएडा पुलिस को सूचित किया था और नोएडा पलिस ने बुलंदशहर कंट्रोल रूम को सूचना दी थी।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई नोएडा और बुलंदशहर पहुंची कॉल को अपनी जांच के दायरे में शामिल करेगी। सीबीआई सबसे पहले पीड़ित परिवार के नोएडा निवासी परिचित, नोएडा और बुलंदशहर कंट्रोल रूम के पुलिस कर्मियों से पूछताछ करेगी। 

बताया गया कि सबसे पहले घटना की जानकारी इन्हीं लोगों को हुई थी। उसके बाद पुलिस कितनी देर में घटनास्थल पर पहुंची और वारदात के कितनी देर बाद पुलिस को फोन से सूचना मिल पाई थी। 

वारदात के कितनी देर बाद फ्लैश हुआ मैसेज?

Police role in question in bulandshahr gangrape
बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला

इस जांच में सीबीआई नोएडा कंट्रोल रूम के ड्यूटी इंचार्ज और बुलंदशहर के सस्पेंड पुलिस कर्मियों से पूछताछ करेगी। सूत्रों का दावा है कि सीबीआई की एक टीम को इसके लिए लगा भी दिया गया है। 

वारदात के कितनी देर बाद फ्लैश हुआ मैसेज
सीबीआई इस एंगल को भी खंगालेगी की कि आरोपियों को दबोचने के लिए सूचना मिलने के कितनी देर बाद पुलिस कंट्रोल रूम से सभी पिकेट को मैसेज किया गया। 

टीम यह भी देखेगी कि पुलिस के किन-किन अधिकारियों को कितनी देर बाद सूचना दी गई। सीबीआई टीम ने इस थ्योरी पर काम करना शुरू कर दिया है।  

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