पलवली गांव में पांच लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार महिला सरपंच सहित 17 आरोपी मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शिवानी की अदालत में पेश किए गए। अदालत ने सरपंच सहित दो महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पलवली में 5 की हत्याः महिला सरपंच सहित 17 आरोपी अदालत में पेश, न्यायिक हिरासत में भेजा
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जबकि ज्यूबिनाइल जस्टिस के समक्ष पेश किए गए एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा है। हत्या में प्रयोग किए गए हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस की मांग पर चार आरोपियों को चार दिन और 11 आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने महिला सरपंच को निलंबित कर दिया है। चुनावी रंजिश ने रविवार रात पांच लोगों की जान ले ली थी। मृतक राजेंद्र के बेटे ललित कुमार की शिकायत पर पुलिस ने 26 लोगों को नामजद किया था, जबकि 10-12 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में ललित ने बताया था कि 17 सितंबर की रात करीब साढ़े नौ बजे बंदूक, रिवाल्वर, फर्सा, डंडे व रॉड से हमला कर कर दिया था।
जिसमें उसके पिता रजेंद्र, पड़ोसी श्रीचंद, ईश्वर, देवेंद्र उर्फ पिंटू, नवीन की मौत हो गई थी। इस हमले में ललित के अलावा उसका भाई नितेष, कन्हैया, प्रमाली और रेखा घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें अदालत में पेश किया गया। इनमें नरेंद्र, धर्मेंद्र, अमित और कमल किशोर को चार दिन की रिमांड पर भेजा गया है, जबकि ज्ञानचंद, रविकांत, मौजीराम, नंदकिशोर, रङ्क्षवंद्र, शिवकांत, सतीश, लोकेश, हरीश, राजेंद्र और विनय को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है। महिला सरपंच दयावती और ओमवती को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
पलवली की सरपंच निलंबित पलवली गांव में हत्याकांड के बाद जिला उपायुक्त समीरपाल सरों ने ग्राम पंचायत सरपंच दयावती को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। जिस चुनावी रंजिश के चलते यह हत्याकांड होने का दावा किया जा रहा है। मुकदमा दर्ज होने के साथ जिला उपायुक्त ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम-1994 की धारा 51(1)(ए) के तहत निलंबन का आदेश जारी किया।
पलवली की सरपंच दयावती के विरूद्ध थाना खेड़ीपुल फरीदाबाद में 18 सितंबर 2017 को आईपीसी एक्ट-1807 की धारा 148, 149, 302, 307, 323, 452, 506 व आम्र्स एक्ट-1959 की धारा-25 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। सरपंच पद के कर्तव्य को नहीं निभाने के कारण जिला उपायुक्त ने निलंबन को जरूरी माना है। जिला उपायुक्त ने बताया कि सरपंच अब पंचायत की किसी भी कार्रवाई में भाग नहीं लेंगी। सरपंच का चार्ज बहुमत वाले पंच को दिलाने की कार्यवाही नियमानुसार करने के निर्देश दिए हैं।