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नीतीश कटारा हत्याकांड : पैरोल के आवेदन पर दिल्ली सरकार से जवाब-तलब
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 03 Feb 2016 01:25 PM IST
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नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट से तीस साल की सजा पाए दोषी विकास यादव की पैरोल याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।
विकास ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने व जुर्माना भरने के लिए जमीन बेचने के लिए पेरोल मांगी है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने सरकार को दो सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न पैरोल प्रदान की जाए, अदालत ने मामले की सुनवाई 23 फरवरी तय की है।
इससे पूर्व अदालत में पेश विकास यादव के अधिवक्ता ने कहा कि सिंतबर 2015 में पेरोल के लिए दिल्ली सरकार के समक्ष अर्जी दी थी। सरकार ने तथ्यों का अध्ययन किए बिना उनके मुवक्किल के आवेदन को खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 30 वर्ष की सजा सुनाई है और उस पर भारी जुर्माना भी किया है। इस फैसले के खिलाफ उसे सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने के लिए वकील को पैसे देने हैं। वहीं जुर्माने की राशि भी जमा करानी है। ऐसे में विकास को दो माह की पेरोल दी जाए।
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विकास ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने व जुर्माना भरने के लिए जमीन बेचने के लिए पेरोल मांगी है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने सरकार को दो सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न पैरोल प्रदान की जाए, अदालत ने मामले की सुनवाई 23 फरवरी तय की है।
इससे पूर्व अदालत में पेश विकास यादव के अधिवक्ता ने कहा कि सिंतबर 2015 में पेरोल के लिए दिल्ली सरकार के समक्ष अर्जी दी थी। सरकार ने तथ्यों का अध्ययन किए बिना उनके मुवक्किल के आवेदन को खारिज कर दिया है।
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उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 30 वर्ष की सजा सुनाई है और उस पर भारी जुर्माना भी किया है। इस फैसले के खिलाफ उसे सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने के लिए वकील को पैसे देने हैं। वहीं जुर्माने की राशि भी जमा करानी है। ऐसे में विकास को दो माह की पेरोल दी जाए।
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