पुलिसवालों को गोली मारता था नाबालिग
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दिल्ली के नजफगढ़ के मितरांव गांव में एक बार फिर नवीन पहलवान और मंजीत महाल के बीच गैंगवार शुरू हो गई है। पिछले तीन माह में इस गैंगवार में मंजीत महाल गिरोह के एक सदस्य की हत्या और एक अन्य पर जानलेवा हमला हो चुका है।
यह खुलासा गैंगवार में शामिल एक नाबालिग ने किया है। दक्षिण पश्चिम जिले के स्पेशल स्टाफ ने उसेपकड़ लिया है।
नाबालिग नवीन पहलवान गिरोह का शार्प शूटर है। पुलिस हत्या और हत्या का प्रयास में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है।
दो खतरनाक गैंग में फिर गैंगवार शुरू
जानकारी के मुताबिक तीन माह पहले बाबा हरिदास नगर इलाके में प्रताप नाम के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई थी कि जून के पहले सप्ताह में इसी इलाके में रविंद्र उर्फ भोलू पर तीन युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
रविंद्र अस्पताल में भर्ती है। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि प्रताप और रविंद्र मंजीत महाल गैंग के सदस्य हैं और दोनों नवीन पहलवान की हत्या करने की फिराक में थे।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मितरांव गांव में नवीन पहलवान और मंजीत महाल के बीच काफी अरसे से दुश्मनी चल रही है। फिलहाल नवीन पहलवान तिहरे हत्याकांड में जेल में बंद है।
एक सरदार है जेल में
दरअसल, नवीन पहलवान के जेल जाने के बाद मंजीत ने अपने गैंग को सक्रिय किया। उसने नवीन की हत्या करने का षड्यंत्र रचा।
बताया गया है कि जब इसकी भनक नवीन पहलवान को लगी तो उसने नजफगढ़ और घुम्मनहेड़ा के रहने वाले नीरज नीरज (20) और नकुल (22) को मंजीत महाल गिरोह के खात्मे की जिम्मेदारी दी।
दोनों ने इसी इलाके में रहने वाले एक 17 वर्षीय नाबालिग को गिरोह में शामिल किया और बाबा हरिदास नगर में दोनों वारदातों को अंजाम दिया। अब पुलिस नीरज और नकुल की तलाश में जुटी है।
ऐसे शुरू हुई थी तकरार
नब्बे की दशक में कृष्ण पहलवान और अनूप पहलवान के बीच गैंगवार की शुरुआत हुई। कृष्ण के गिरोह में कपिल था, वहीं अनूप पहलवान के साथ मंजीत महाल और नवीन पहलवान था।
वर्चस्व को लेकर दोनों गैंग टकराते रहे। इस गैंगवार में नजफगढ़ के आसपास के गांवों में दोनों ओर के 24 से अधिक लोगों की हत्या को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अनूप पहलवान की मौत के बाद कृष्ण पहलवान अपराध की दुनिया को अलविदा कहकर दिल्ली की राजनीति में शामिल हो गया। वहीं अनूप की मौत के बाद उसके गैंग में अलगाव हो गया और दो हिस्सों में बंट गया।