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गमछे से गला दबाकर महर्षि आश्रम के सुरक्षा प्रभारी की हत्या

Mon, 20 Mar 2017 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 20 Mar 2017 04:04 PM IST
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murder of maharishi ashram security charge
ranvijay sachan - फोटो : अमर उजाला

सेक्टर-107 में स्थित महर्षि आश्रम के सुरक्षा प्रभारी रणविजय सचान (59) की ब्याज के रुपये के विवाद में अगवा कर हत्या कर दी गई। वे 15 मार्च से लापता थे। गुमशुदगी की जांच के दौरान सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इसका पर्दाफाश किया। वारदात को अंजाम देने वाले इटावा निवासी ट्रांसपोर्टर राजीव और अलीगढ़ निवासी कैब चालक राज उर्फ नरेश को गिरफ्तार कर लिया है।

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वहीं वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार को लेकर मैनपुरी निवासी राजकुमार फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। सेक्टर-107 में महर्षि आश्रम है। हाजीपुर के रहने वाले रणविजय इसके सुरक्षा अधिकारी थे। उनका सेक्टर-105 में स्कूल भी था।
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वे 15 मार्च को आश्रम से ग्रेटर नोएडा के लिए कार से निकले थे। इसके बाद से गायब थे। परिजन ने कोतवाली सेक्टर-39 में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस जांच कर रही थी। 

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​15 लाख के लिए कर दी हत्या

murder of maharishi ashram security charge
demo pic - फोटो : अमर उजाला

​इसी दौरान पता चला कि महर्षि आश्रम से निकलने से पहले रणविजय की बात ट्रांसपोर्टर राजीव से हुई थी। राजीव की 15 कैब फेज दो स्थित एक कंपनी से जुड़कर चलती है। पुलिस ने राजीव से पूछताछ की, जिसमें उसने गोलमोल जवाब दिए।

सर्विलांस से जांच में पता चला कि राजीव काफी समय तक रणविजय के साथ था। इसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ हुई, जिसमें वह टूट गया। उसने रणविजय को अगवा कर हत्या की बात कबूल ली

राजीव ने बताया कि रणविजय पहले एक कैब का संचालन उसके माध्यम से कराते थे। इसी दौरान दोनों की जान-पहचान हो गई। उसने रणविजय से 15 लाख रुपये पांच प्रतिशत ब्याज पर लिया था। जिसे उसने अन्य लोगों को 15 प्रतिशत ब्याज पर दे दिया।

ककोड़ बुलंदशहर में नहर से शव को बरामद कर लिया गया

murder of maharishi ashram security charge
suicide
​लोगों से पैसे मिल नहीं रहे थे, जबकि रणविजय लगातार अपने पैसे वापस करने की मांग कर रहे थे। इसी कारण उनके हत्या की योजना बनी। ग्रेटर नोएडा में स्थित उनके विला को बिकवाने के नाम पर राजीव ने रणविजय को ग्रेटर नोएडा जाने के लिए महर्षि आश्रम से स्विफ्ट डिजायर कार में बैठा लिया।

वे रणविजय को लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एटीएस सोसाइटी पहुंचा। जहां कैब चालक राज उर्फ नरेश और राजकुमार पहले से मौजूद थे। दोनों ने अपने एसेंट कार वहीं खड़ी कर ग्राहक बनकर राजीव की कार में पीछे बैठ गए।

कार में बैठने के थोड़ी देर बाद दोनों ने गमछे से गला दबाकर रणविजय की हत्या कर दी। फिर शव को सीट पर लेटा दिया। इसके बाद तीनों शव लेकर ककोड़ बुलंदशहर गए। जहां ककोड़ नहर में शव डालकर फरार हो गए। राजीव से पूछताछ के बाद पुलिस ने नहर में शव की तलाश कराई। ककोड़ बुलंदशहर में नहर से शव को बरामद कर लिया गया।
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