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मेरठ के ‘डॉक्टर’ ने कराई थी 25 लाख की लूट

Sat, 16 Jan 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 16 Jan 2016 12:28 AM IST
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Meerut 'doctor' was introduced 25 million of the loot.
मेरठ में बृहस्पतिवार को हुई 25.5 लाख की लूट का मास्टर माइंड मेरठ का रहने वाला पुलकित उर्फ गप्पी उर्फ ‘डॉक्टर’ है। शूट आउट के दौरान आत्मसमर्पण करने वाले बदमाश विकास उर्फ विक्की जाट ने शुक्रवार को पुलिस हिरासत में इसका खुलासा किया।
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विकास ने बताया कि डॉक्टर की सूचना पर ही तीनों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की टीमें अब लूट के मास्टर माइंड ‘डॉक्टर’ की तलाश कर रही हैं। शुक्रवार को एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस ऑफिस में प्रेस कांफ्रेंस कर पूरी प्लानिंग का खुलासा किया।
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मीडिया को रूबरू हुए लूट के आरोपी विकास ने एनकाउंटर का ‘सच’ बताया। विकास के मुताबिक, मेरठ में रहने वाला ‘डॉक्टर’ ही गैंग को टारगेट देता था। उसके कहने पर ही टटीरी निवासी प्रदीप ने लूट की प्लानिंग की थी।
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प्रदीप से विकास की मुलाकात मेरठ जेल में चार साल पहले हुई थी। प्रदीप 10 दिन पहले ही तिहाड़ जेल से छूटा है। बागपत पुलिस ने उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी।

तिहाड़ जेल में ही प्रदीप की मुलाकात घायल बदमाश अमित से हुई थी। प्रदीप ने जेल से निकलने के बाद उसे और अमित को बुलाकर लूट की घटना की प्लानिंग की।

पशु कारोबारी को लूटकर तीनों गाजियाबाद आ रहे थे, रास्ते में उन्हें नीली बत्ती लगी एंबेसडर मिली। एंबेसडर को देख वह तीनों गन्ने के  खेत में जाकर छिप गए।

बकौल विकास, शूट आउट के दौरान उससे लग रहा था कि भागने की कोशिश की तो पुलिस मार डालेगी। ‘मैं मरना नहीं चाहता था, लिहाजा आत्मसमर्पण कर दिया।’ उसने ने बताया कि सन 2006 में उसके भाई अमित की गांव के  ही एक व्यक्ति ने हत्या कर दी थी।

भाई की हत्या का बदला लेने को जरायम की दुनिया में कदम रखा और हत्यारे को मार डाला। जेल में बदमाशों से मुलाकात हुई और जमानत मिलने पर लूट की वारदात करना शुरू कर दिया।

इस शूटआउट में घायल अमित तिहाड़ में बंद सत्ते नामक बदमाश से जुड़ा हुआ है। अमित और प्रदीप घायल हैं, दोनों अस्पताल में भर्ती है। वारदात के चौथा बदमाश अक्षय मौके से भाग गया। मुरादनगर का रहने वाला अक्षय लूट की वारदात में जेल जा चुका है।

गाजियाबाद में की थी 36 लाख की लूट
विकास ने तीन साल पहले नवयुग मार्केट में 36 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया था। वारदात के एक साल बाद विकास को पुलिस गिरफ्तार कर पाई थी।

प्रदीप का आपराधिक इतिहास
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बागपत जिले के टटीरी का रहने वाला प्रदीप बागपत का हिस्ट्रीशीटर है। उसने 2008 में चांदनी चौक दिल्ली में लूट की थी। बागपत में भी लूट की वारदात की थी।

2011 में बागपत में फिरौती के  लिए अपहरण और हत्या की कोशिश की थी। 2011 में ही हरियाणा के मुरथल में डकैती की थी। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और बागपत में 10 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।

शूट आउट के दौरान ‘डॉक्टर’ से फोन पर बात कर रहे थे बदमाश  
शूट आउट के दौरान एक तरफ गोलियां चल रही थीं तो दूसरी तरफ एक बदमाश ‘डॉक्टर’ को कॉल कर जानकारी दे रहा था। पुलिस सूत्रों की मानें तो कॉल डिटेल में इसका खुलासा हुआ है। ‘डॉक्टर’ लंबे समय से अपराध से जुड़ा है। पहले वाहन चोरी की वारदात करता था। मेरठ पुलिस ने उसे जेल भेजा था।

गाजियाबाद में उसके गैंग के बदमाश कोतवाली थानाक्षेत्र में 2011 में पकडे़ गए थे। अब ‘डॉक्टर’ खुद वारदातों को अंजाम देने की बजाय अपने गुर्गों से वारदात कराता है।


पुलकित उर्फ गप्पी उर्फ ‘डॉक्टर’ ने देहात क्षेत्रों में रहने वाले कई कारोबारियों को टारगेट किया था। डॉक्टर का एक करीबी जेल में बंद था, जिसकी पैरवी करने के लिए वह जेल जाता था।

जेल में ही प्रदीप से डॉक्टर की मुलाकात हुई थी। सूत्र कहते हैं कि प्रदीप को जेल से बाहर निकलवाने में डॉक्टर ने आर्थिक मदद की थी।
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