हॉस्टल की बालकनी से गिरी छात्रा, गिरने का रहस्य है बरकरार
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काइट कॉलेज के हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरने वाली एमबीए छात्रा यशी दीक्षित को बृहस्पतिवार को भी होश नहीं आया। ऐसे में उसके हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरने का रहस्य बरकरार है। दूसरी तरफ, पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के रूम की तलाशी ली और वार्डन से भी पूछताछ की।
जनपद सीतापुर के आर्य नगर निवासी रिटायर्ड बैंक मैनेजर वीके सिंह की बेटी यशी दीक्षित (23) काइट कॉलेज में एमबीए फाइनल ईयर की छात्रा है। वह कॉलेज के सरस्वती गर्ल्स हॉस्टल में तीसरी मंजिल स्थित रूम नंबर 458 में रूम पार्टनर पूर्णिमा के साथ रहती है।
गिरने की आवाज सुनकर बाहर दौड़ीं वार्डन
बुधवार को उसका एमबीए का अंतिम पेपर था। पेपर देने के बाद यशी अपने रूम में चली गई थी। रात करीब नौ बजे रहस्यमय हालात में वह हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गई।
गिरने की आवाज सुनकर चीफ वार्डन सुधा रानी और किरण त्यागी बाहर की तरफ दौड़ीं। देखा यशी फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़ी कराह रही है। आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छात्रा के कमरे की जांच पुलिस ने की
हालत गंभीर होने पर गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। बृहस्पतिवार दोपहर सीओ सदर पवन कुमार और एसओ सुबोध सक्सेना ने घटना स्थल का मुआयना किया।
छात्रा के कमरे की तलाशी ली। बाद में छात्रा के परिजन भी मौके पर पहुंचे। सीओ सदर ने बताया कि छात्रा के तीसरी मंजिल से गिरने के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।
होश में नहीं आई है छात्रा
बंगलूरू की कंपनी में करती है जॉब
पुलिस को मोबाइल से मिल सकता है सुराग
पुलिस ने छात्रा के दोनों मोबाइल बरामद कर लिए हैं। मौके पर छात्रा के जीजा पंकज, उसके बडे़ भाई राहुल और पुलिस के बीच मोबाइल कब्जे में लेने को लेकर नोकझोंक हुई। परिजनों के कहने पर पुलिस ने दोनों मोबाइल छात्रा के रूम में रखवा दिए।