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शहर में खौफ जमाने के लिए कॉलेज में बनाया गैंग, हाथ-पैर तोड़कर वसूलता था रकम

Fri, 08 Jul 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 08 Jul 2016 12:00 AM IST
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made gang in college, after breaking arms and legs extort money

अपराध शाखा सेक्टर-30 पुलिस ने 10 हजार के इनामी बदमाश टेकचंद को गिरफ्तार किया है। उसने शहर में अपना खौफ जमाने के लिए कॉलेज में ही दोस्तों के साथ गैंग बना लिया था और रुपये लेकर हाथ-पैर तोड़ने के बाद रंगदारी भी वसूलता था।

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पुलिस की मानें तो बदमाश टेकचंद यह जानता था कि लोगों के हाथ-पैर तोड़ने के मामले में उसे आसानी से जमानत मिल जाएगी और अधिक सजा भी नहीं होगी।

फिलहाल पुलिस ने 12 से अधिक मामलों का खुलासा किया है, जिनमें बदमाश वांछित था। पुलिस उसके गैंग व अन्य वारदात के बारे में पूछताछ कर रही है।
 

ऐसे पकड़ में आया आरोपी

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पुलिस उपायुक्त भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, पुलिस आयुक्त के आदेश पर बेलजंपर और इनामी बदमाशों को पकड़ने के लिए एसीपी क्राइम राजेश फोगाट और सीआईए-30 प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र चौहान के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

टीम को पता लगा कि इनामी बदमाश टेकचंद मिर्जापुर मोड़ से तिगांव रोड की तरफ आने वाला है। टीम ने टेकचंद को काबू कर लिया। उसके पास से एक पिस्तौल व दो कारतूस बरामद किए। आरोपी भूपानी के खेड़ीकला का रहने वाला है।

डीसीपी ने बताया कि आरोपी पर फरीदाबाद के कई थानों में जान से मारने की कोशिश, लूट व पैसे लेकर हाथ-पैर तोड़ने के कई मामले दर्ज हैं, जिनमें वह वांछित चल रहा था।

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कानूनी धाराओं की जानकारी थी

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टेकचंद पर हरियाणा पुलिस ने दस हजार रुपये का ईनाम भी रखा है। टेकचंद संदीप बहादुरपुर के हाथ-पैर तोड़ने व हत्या के प्रयास के मुकदमे व हथियार दिखाकर गाड़ी लूटने के मामले में थाना शहर बल्लभगढ़ में वांछित था। टेकचंद के खिलाफ सेक्टर-16 में जिम संचालक हेमराज के ऊपर जान से मारने की नीयत से हमला करने व पैर तोड़ने का मुकदमा भी थाना सेंट्रल में दर्ज है।

कानूनी धाराओं की जानकारी थी
पुलिस की मानें तो इनामी टेकचंद शुरू से शहर में अपना खौफ जमाना चाहता था। साथ ही उसे कानूनी धाराओं की भी जानकारी थी, वह अच्छी तरह जानता था कि धारा-325 (मारपीट व नुकसान पहुंचाना) के तहत अपराध जमानती है और अधिक सजा भी नहीं होगी, इसलिए उसने दहशत फैलाने के लिए कई लोगों के हाथ-पैर तोड़कर उनसे वसूली शुरू कर दी।

बिल्डरों को बनाया निशाना
आरोपी टेकचंद यूपी के गैंगस्टर रणदीप भाटी के संपर्क में आया। रणदीप भाटी निवासी रिठोड़ी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगेस्टर नरेश भाटी का भाई है, जो फिलहाल जेल में बंद है। उसके इशारे पर टेकचंद ने बिल्डरों को डरा धमकाकर पैसा वसूली का काम शुरू कर दिया। पुलिस में शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट करता था व मुकदमा दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी देता था।

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