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सबक लेते तो न होती मिलेनियम डिपो में लूट
ब्यूरो/अमर उजला, नई दिल्ली
Updated Wed, 16 Jul 2014 02:34 AM IST
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सुरक्षा में चूक के कारण एशिया के सबसे बड़े डीटीसी डिपो मिलेनियम में कैश काउंटर से लूट हुई। परिसर में पांच डिपो और करीब डेढ़ हजार बसों की प्रतिदिन 50 लाख रुपये की कमाई जमा होती है, जबकि सोमवार को वारदात वाले कैश काउंटर पर करीब नौ लाख रुपये जमा हुए थे।
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वहीं, अगर चोरी की छोटी-छोटी वारदातों पर पहले ध्यान दिया जाता तो इतना बड़ा मामला न होता। अब घटना के बाद डीटीसी प्रबंधन ने खामियां तलाशने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जो एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी।
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सूत्रों के अनुसार, मामले में मिलेनियम डिपो तीन के मैनेजर पीके राय पर गाज गिर सकती है। चोरी की पिछली शिकायतों के बाद भी उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी।
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रिंग रोड व यमुना कैचमेंट एरिया से सटे परिसर में कुल पांच डिपो और सात गेट हैं। इसमें मिलेनियम एक, दो, तीन और चार डिपो दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के हैं, जबकि एक क्लस्टर (डिम्ट्स) नारंगी बसों का है। हर डिपो में अलग-अलग कैश काउंटर हैं।
कैश काउंटर के बाहर न तो सुरक्षा गार्ड हैं और न ही सीसीटीवी। किसी भी गेट से आने-जाने पर कोई जांच या एंट्री नहीं होती। पूरे परिसर में स्ट्रीट लाइट तक नहीं जलती हैं। वारदात में सीधा शक डीटीसी समेत बस कंपनियों के कर्मियों पर भी जा रहा है। बदमाशों को कैसे पता चला कि दूसरा कर्मी घटना से कुछ समय पहले ही ड्यूटी छोड़कर गया है।
तीन दिन पहले छीने थे 45 हजार के टिकट
तीन दिन पहले यहां से करीब 45 हजार रुपये की टिकट का बैग कंडक्टर से रात को छीन लिया गया। वह ड्यूटी खत्म करके घर जा रहा था। घटना डिपो परिसर के अंदर हुई थी। मामले में कंडक्टर की गलती मानी गई थी। प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की जगह चुप रहने की नसीहत देते हुए टिकट का पैसा भरने का निर्देश दे रखा है।