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समय पर खून ना मिलने से गई बच्ची की जान, डॉक्टर देखते रहे तमाशा

Thu, 15 Feb 2018 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 15 Feb 2018 10:17 AM IST
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lok nayak hospital: girl was dead for not getting the blood on time from hospital
loknayak hospital - फोटो : अमर उजाला

समय पर खून न मिलने की वजह से एक बच्ची ने दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप भी लगाए।

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घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत करा पूछताछ शुरू की। उधर, अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी घटना की प्रारंभिक जांच कराई गई है।
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बताया जा रहा है कि इसमें एक वार्ड कर्मचारी की गलती सामने आ रही है। हालांकि अस्पताल की ओर से देर रात तक सख्त कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। दरअसल, बुधवार को लोकनायक अस्पताल में उस वक्त हंगामा हुआ, जब बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज बच्ची हुमायरा ने दम तोड़ दिया।

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AB+ ब्लड की थी जरूरत

lok nayak hospital: girl was dead for not getting the blood on time from hospital
loknayak hospital - फोटो : अमर उजाला

बताया जा रहा है कि हुमायरा का हीमोग्लोबिन काफी कम था। उसे एबी पॉजीटिव ब्लड चाहिए था। हुमायरा के पिता जावेद ने बताया, वे मंगलवार रात करीब 8 बजे अपनी बच्ची को लेकर अस्पताल आए थे।

लोकनायक अस्पताल में जब डॉक्टरों ने तत्काल खून चढ़ाने की बात की तो वे ब्लड बैंक जाकर यूनिट ली, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों का कहना था कि ब्लड वार्ड के कर्मचारी के हाथों भेजा जाएगा।

रात 12 बजे तक न कर्मचारी का पता था और न ही खून का। वे बार बार ब्लड बैंक के चक्कर लगाते रहे। रात करीब 12 बजकर 10 मिनट पर हुमायरा ने दम तोड़ दिया। 

तीन डॉक्टर देखते रहे तमाशा

lok nayak hospital: girl was dead for not getting the blood on time from hospital
loknayak hospital - फोटो : अमर उजाला

जावेद का कहना है कि हुमायरा के पास तीन डॉक्टर कुर्सी पर बैठे ये पूरा तमाशा देख रहे थे, लेकिन किसी ने भी परिजनों और मरीज की सुनवाई नहीं की। जब जावेद ने कार्रवाई की बात की तो उन डॉक्टरों ने कहीं भी शिकायत करने की चेतावनी दे डाली।

बच्ची की मौत के बाद डॉक्टरों के हाथ पैर फूले तो वे बच्ची को देखने पहुंच गए। 

एक और बच्ची की मौत

lok nayak hospital: girl was dead for not getting the blood on time from hospital
loknayak hospital - फोटो : अमर उजाला

जावेद का कहना है कि उनकी बच्ची के अलावा वार्ड में भर्ती एक और बच्चे की मौत समय पर खून न चढने की वजह से हुई। हालांकि इस आरोप पर अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। बच्ची कौन थी? उसकी मौत कैसे हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल देने से इंकार किया है। 

जिम्मेदार अधिकारी दिल्ली से बाहर, जिम्मेदार कौन?
अस्पताल में हंगामे पर जब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेएस पासी से संपर्क किया तो पता चला कि वे दिल्ली से बाहर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में कोई भी मामले में पडना नहीं चाहता।

आखिरकार डॉ. पासी ने जब फोन पर अस्पताल के अन्य डॉक्टरों से पूछताछ और प्रारंभिक जांच का आदेश दिया तब उन्होंने बताया कि बच्ची को एबी पॉजीटिव रक्त चाहिए था।

चाचा नेहरु अस्पताल मेंउपलब्ध न होने की वजह से मरीज को लोकनायक लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि रेयर ब्लड ग्रुप में समय लगता है। हालांकि प्रारंभिक जांच में उन्होंने वार्ड कर्मचारी की गलती को स्वीकारा है।

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