कारतूस सप्लाई करने वाले गन हाउस मालिक को यूं दबोचा, 1310 गोलियां पकड़ी
दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों के लिए गोलियों की सप्लाई अलीगढ़ यूपी से की जा रही थी। मामले में स्पेशल सेल ने गन हाउस मालिक समेत दो को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीते कुछ महीनों के दौरान दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के बदमाशों को पांच हजार से ज्यादा गोलियों की सप्लाई कर चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से 1310 कारतूस बरामद किए गए हैं।
डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार स्पेशल सेल को अवैध हथियारों के लिए कारतूस सप्लाई करने वाले को पकड़ने का टास्क दिया गया था। इसके लिए इंस्पेक्टर संजय गुप्ता व राजेश कुमार की विशेष टीम बनाई।
टीम को सूचना मिली थी कि गोलियां की सप्लाई करने वाले उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आएंगे। एसआई मनीष कुमार, रोहित कुमार व अमरीक सिंह की टीम ने 16 नवंबर को घेराबंदी कर गांव मैं, थाना इगलास जिला अलीगढ़ यूपी निवासी महिपाल (42) को उस समय पकड़ लिया जब वह मोटरसाइकिल पर गोलियां सप्लाई करने आया था।
तलाशी लेने पर उसके बैग से 360 गोलियां मिलीं। महिपाल ने बताया कि वह दिल्ली व एनसीआर के बदमाशों के लिए पिछले तीन वर्ष से कारतूस की सप्लाई कर रहा है। उसने बताया कि वह गोलियां अकराबाद, अलीगढ़ यूपी में गन हाउस चलाने वाले संदीप यादव से लेता है।
पुलिस टीम ने महिपाल की निशानदेही पर अकराबाद, अलीगढ़ से संदीप यादव (25) को 17 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 950 गोलियां बरामद की गईं। संदीप यादव ने बताया कि गन हाउस का लाइसेंस उसके भाई संजीव यादव के नाम है। वह दिल्ली व यूपी के कुछ बदमाशों के संपर्क में आया और महंगेे दामों पर उन्हें गोलियां सप्लाई करने लगा।
वह तीन वर्ष से अवैध रूप से गोलियां सप्लाई कर रहा था। कुछ ही महीनों में वह पांच हजार से ज्यादा गोलियां बदमाशों को बेच चुका है। बरामद 950 कारतूस .315 बोर व 360 गोलियां .32 बोर की हैं।
बीसीए पास है आरोपी संदीप
मध्यम परिवार से ताल्लुक रखने वाले संदीप यादव ने अलीगढ़ से बीसीए किया है। उसका भाई संजीव यादव अकराबाद, अलीगढ़ में गन हाउस चलाता था। आरोपी संदीप यादव ने बताया कि जिसके पास हथियार का लाइसेंस होता था उसे ये 150 रुपये में एक गोली बेचते थे।
जिसके बाद हथियार का लाइसेंस नहीं होता था उसे ये 500 से 1000 रुपये में गोली बेचते थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ज्यादातर कहां के बदमाशों को गोलियां सप्लाई करते थे।
मध्य प्रदेश के धार, बुरहानपुर व खारगोने और बिहार के मुंगेर से दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने पिछले एक वर्ष में भारी मात्रा में अवैध हथियार पकड़े भी हैं।
मगर दिल्ली पुलिस अधिकारियों को ये समझ में नहीं आ रहा था कि अवैध हथियारों के लिए गोलियां कहां से आती हैं। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने कारतूसों की सप्लाई करने वालों को पकड़ने के लिए स्पेशल सेल को टास्क दिया था।