सहपाठी से परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी
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फोन कर परेशान करने व शिकायत के बावजूद स्कूल प्रबंधन की ओर से आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने से क्षुब्ध 12वीं की एक छात्रा ने बृहस्पतिवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल सहित छात्रा के साथ पढ़ने वाले चार छात्रों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर छात्रा के परिजनों ने शहर बल्लभगढ़ थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
आदर्श नगर निवासी छात्रा की मां ने बताया कि उसकी बेटी मलेरना रोड स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। कुछ माह पहले उसका एक सहपाठी दसवीं की मार्कशीट लेने भिवानी स्थित हरियाणा बोर्ड के कार्यालय जा रहा था।
स्कूल में ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई
उसकी बेटी ने भी उसे अपनी मार्कशीट लाने को कह दिया। वह बेटी का आधार कार्ड व मोबाइल नंबर ले गया था। वह मार्कशीट तो नहीं ला पाया, लेकिन कुछ दिन बाद फोन कर उसकी बेटी को परेशान करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि 28 नवंबर को मिस कॉल आने पर जब उन्होंने दोबारा फोन किया तो आरोपी छात्र गाली गलौच करने लगा। प्रिंसिपल जितेंद्र से शिकायत की तो उन्होंने स्कूल से बाहर ही मामले को निपटाने के लिए कहा।
स्कूल में ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी और उसकी शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाय उन पर समझौते के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
बेटी का ही नाम स्कूल से काटा
बृहस्पतिवार को वह बेटी को स्कूल छोड़ने पहुंची तो प्रिंसिपल ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसकी बेटी का ही नाम स्कूल से काट दिया था।
घर आकर दोपहर करीब 1.30 बजे छात्रा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन शुक्रवार को बीके सिविल अस्पताल से शव लेकर शहर थाने पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
थाना शहर प्रभारी निरीक्षक युगवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार सहित छात्रा के साथ पढ़ने वाले चार छात्रों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया गया है।